हापुड़। जिले में 43 गांव, मोहल्लों में डेंगू का लार्वा पनपने लगा है, इन इलाकों को स्वास्थ्य विभाग ने अति संवेदनशीलता की श्रेणी में शामिल किया है। कीट विशेषज्ञों की टीम भी निगरानी पर लगाई गई हैं, कई स्थानों पर लार्वा का घनत्व बहुत अधिक है।
हर साल डेंगू लोगों की सेहत तोड़ता है, सरकारी रिकॉर्ड में भले ही मौतें नगण्य हों लेकिन बुखार के कारण गांव, शहर में पिछले साल भी काफी मौत हुई थी। विभाग ने वर्ष 2023 में 227 लोगों में डेंगू की पुष्टि की थी। निजी लैब की पुष्टि इससे कई गुना थी।
जिले में 23 गांव, मोहल्ले अति संवेदनशीलता की श्रेणी में रखे गए हैं। इन स्थानों पर पिछले साल भी 150 से ज्यादा लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। विभागीय अफसरों ने इन गांवों में निगरानी अभी से बढ़ाई है। जांच में इन स्थानों पर बड़ी मात्रा में डेंगू का लार्वा मिला है। कीट विशेषज्ञों की टीम लार्वा नष्ट करा रही हैं, लेकिन फिर से डेंगू के फैलने की संभावना से इंकार भी नहीं कर रही हैं।
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ये क्षेत्र अति संवेदनशीलता की श्रेणी में
गिरधरपुर तुमरैल, बदनौली, दस्तोई, जोगीपुरा, गोयना, अनवरपुर, शेखपुर, लुखलाड़ा, मतनावली, सबली, बड़ौदा हिंदवान, जसरूपनगर, असौड़ा, पूठा हुसैनपुर, भटियाना, सरावा, सादिकपुर, ह्दयपुर, कांवी, बड्ढा, टोडरपुर, हरोड़ा मोड़, वैट, पीरनगर, बक्सर, अटूटा, राजपुर, धनपुरा, मुक्तेश्वरा, शिवाया, गालंद, हसनपुर, चंद्रलोक कॉलोनी, फूलगढ़ी, लज्जापुरी, न्यू आर्यनगर, आदर्श नगर, आवास विकास मेरठ रोड, जवाहर गंज, बाबूगढ़ छावनी, गांधी विहार।
तीन सालों में मिले डेंगू के मरीजों की संख्या
वर्ष डेंगू के मिले मरीज
2023 227
2022 230
2021 76
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कोट -
डेंगू को लेकर लार्वा नष्ट कराने का अभियान चलाया गया है। अति संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है, डेंगू को लेकर अस्पतालों में व्यवस्थाएं पूरी हैं। लोगों से साफ सफाई रखने, आस पास पानी न भरने देने की अपील की जा रही है।डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।