सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की वास्तविक संख्या के आधार पर ही शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। फर्जी छात्र संख्या मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक और सहायक शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में शिक्षा निदेशक ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। बता दें कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर स्कूलों में छात्र संख्या का सत्यापन किया जाता है।
सत्यापित छात्र संख्या के आधार पर निशुल्क पाठ्य पुस्तकों और यूनिफार्म का वितरण किया जाता है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर के साफ्टवेयर में छात्र नामांकन और शिक्षकों की संख्या एकत्रित की जाती है।
इसके आधार पर योजनाएं बनाई जाती हैं और उनका क्रियान्वयन होता है। स्टूडेंट्स की संख्या में हेराफेरी कर छात्रवृत्ति, यूनिफार्म और पाठ्य पुस्तकों के वितरण में धांधली की जाती है। इसे संज्ञान में लेते हुए शिक्षा निदेशक ने कड़े निर्देश जारी किए हैं।
बीएसए देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक अब जिले के सभी विद्यालयों में छात्र नामांकन का परीक्षण कर वास्तविक संख्या के आधार पर ही शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। फर्जी छात्र संख्या का मामला प्रकाश में आने पर खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक और सहायक शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।