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Hapur News: दलित संगठनों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन, बंद का नहीं दिखा असर

Wed, 21 Aug 2024 09:17 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। सुप्रीम कोर्ट के अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजातियों के उपवर्गीकरण आरक्षण संबंधी आदेश के विरोध में दलित संगठनों ने सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया। मेरठ तिराहे से नारेबाजी करते हुए जुलूस के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। हालांकि उपद्रव की आशंका के चलते बाजारों मेें चहल पहल कम जरूर रही, लेकिन बंद का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया।
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सुबह करीब नौ बजे के आसपास बसपा, भीम आर्मी, आसपा समेत विभिन्न राजनीतिक, गैर राजनीतिक संगठनों के लोग व अधिवक्ता मेरठ तिराहा स्थित डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा पर एकत्र होना शुरू हो गए थे। पालिकाध्यक्ष पति श्रीपाल, बसपा के जिलाध्यक्ष डॉ. एके कर्दम के नेतृत्व में बसपाई भी यहां पहुंच गए और विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को देखते हुए पुलिस ने पहले ही मेरठ तिराहे की ओर आने जाने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया। इस दौरान कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाकर समझाया।



पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे लोग-

अधिकारियों ने मेरठ तिराहे पर ही लोगों से ज्ञापन देने का आह्वान किया। लेकिन बड़ी संख्या में लोग जुलूस के रूप में पैदल और वाहनों पर सवार होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों के साथ पुलिस व पीएसी भी साथ-साथ कलक्ट्रेट पहुंची। कलक्ट्रेट में भी डीएम को ज्ञापन देने के लिए हंगामा हुआ। कुछ कार्यकर्ताओं की आपस में बहस के कारण हंगामे की स्थिति बन गई। बाद में अधिकारियों के समझाने पर एडीएम संदीप सिंह ने ज्ञापन लिया।
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इस दौरान बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. एके कर्दम ने कहा कि केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर न्यायालय द्वारा लिए गए निर्णय को निरस्त कराए एवं आरक्षण के मूल स्वरूप को बहाल कराए। आरक्षण को संविधान की नौंवी सूची में दर्ज भी कराया जाए। सपा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष बबलू प्रधान के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान पुरुषोत्तम वर्मा, आदेश गोस्वामी, इकबाल कुरैशी, सुल्तान खान, मनजीत चौधरी आदि मौजूद रहे।



अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता कचहरी से एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। जिसके बाद डीएम प्रेरणा शर्मा को राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के अध्यक्ष रामनिवास सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की खंड पीठ द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति को दिए गए संवैधानिक आरक्षण के विरुद्ध एक आदेश पारित किया गया है, जो पूर्णत: देश के संविधान के विरुद्ध है। अनिल आजाद ने कहा कि जब तक देश में जातियां हैं और जाति के आधार पर भेदभाव है, तब तक एससी-एसटी का आरक्षण जारी रहना चाहिए। इस दौरान रविंद्र निमेष, महेंद्र सिंह, रमेश चंद्रा, सुशील आजाद, अभिषेक, लोकपाल सिंह, सुनील कुमार, किरन, विजय कुमार, गुलाब सिंह आदि उपस्थित रहे।
विभिन्न संगठनों ने किया विरोध-प्रदर्शन
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी जुलूस के रूप में जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि आरक्षण की व्यवस्था 15 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 7.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति व 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए की गई है। इसी के तहत इन वर्गों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जा रहा है, लेकिन आज तक किसी भी सरकारी विभाग में पूर्ण रूप से आरक्षण का कोटा पूरा नहीं किया गया है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष उमेश कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा। समता सैनिक दल के जिला कमांडर सिद्धांकुर प्रेमी समेत महेंद्र सिंह, राकेश, अभिषेक, कुलदीप कुमार आदि मौजूद रहे।




बाजार खुला, लेकिन दहशत में रहे लोग

बंद का असर बेअसर रहा। मेरठ तिराहे पर भीड़ एकत्र होने के कारण यहां आसपास की दुकानें बंद जरूर रहीं, लेकिन बाजार में अधिकतर दुकानें खुली रहीं। लेकिन लोग कुछ साल पहले दो अप्रैल की घटना को लेकर जरूर दहशत में रहे। बाजारों में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही और काफी लोगों ने अपने बच्चों को भी स्कूल नहीं भेजा। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद बाजारों में चहल पहल शुरू हुई।



पुलिस की अटकी रही सांसें

सुरक्षा की दृष्टि से जिले को तीन जोन, दो सुपर जोन और दस सेक्टरों में बांट कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। पुलिस चौकियों को सब सेक्टर बनाया गया था। सभी थाना प्रभारी अपने अपने क्षेत्रों में पुलिस टीम के साथ गश्त पर रहे। लेकिन प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों की सांसें अटकी रहीं। चार टीमें सुबह से ही सोशल मीडिया की निगरानी करती रहीं। क्यूआरटी वैन में तैनात पुलिस कर्मी भी अलर्ट मोड पर रखे गए थे।
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