हापुड़। साइबर अपराध की जड़े लगातार मजबूत हो रही हैं, वहीं इस मामले में लोगों में आ रही जागरूकता भविष्य के लिए अच्छे संकेत हैं। पिछले तीन साल की बात करें तो साइबर ठग लोगों की गाढ़ी कमाई का ढाई करोड़ रुपये हजम कर चुके हैं। जबकि अगस्त माह की बात करें तो 30 से अधिक लोगों की ठगी हुई, हालांकि त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नौ मामलों में लोगों के 5.43 लाख रुपये वापस खातों में स्थानांतरित कर दिए।
कोरोना काल के बाद से साइबर अपराध चरम पर है। दूर दूर बैठे साइबर ठग लोगों के बैंक खातों से रुपये निकलने के लिए नए नए तरीके अपना रहे हैं। साइबर ठगी के मामले पिछले तीन साल में तेजी से बढ़े हैं। कभी रिश्तेदार, कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी इनाम निकलने, तो कभी साइबर ठगी से बचने के उपाय बताकर ही लोगों को ठगा जा रहा है। लोगों को थोड़ा लालच देकर बाद में बड़ी रकम निकाल ली जाती है। वर्ष 2020 से अभी तक साइबर ठग लोगों को ढाई करोड़ से भी अधिक का चूना लगा चुके हैं। हालांकि इसमें से पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये की धनराशि लोगों को वापस भी कराई है। अगस्त माह में हुई साइबर ठगी के मामलों में नौ लोगों ने पुलिस को उनके द्वारा जारी किए गए नंबरों पर त्वरित जानकारी दी, जिसके बाद उनके 5.43 लाख रुपये वापस हो गए।
इनकी धनराशि कराई गई वापस -
इनमें थाना देहात क्षेत्र के नई मंडी निवासी बबीता के बैंक खाते से 99000 रुपये, हापुड़ नगर निवासी शुभम के खाते से दस हजार रुपये, गढ़मुक्तेश्वर निवासी रतीश मोहन के खाते से एक लाख रुपये, नासिर युनुस के खाते से एक लाख रुपये, शाहिद के खाते से 30 हजार रुपये, दिनेश कुमार के खाते से 24 हजार रुपये, अमित तोमर के खाते से 22 हजार रुपये की आनलाइन निकासी कर ली गई थी।
साइबर सेल ने रुपये कराए वापस
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि साइबर ठगी रोकने के लिए मुहिम चलाकर लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इस प्रकार की ठगी होने पर लोग टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा 112 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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ऐसे बरते एहतियात
-अनजान लोगों से वीडियो कॉल पर बात न करें।
- अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट न करें।
- किसी भी ऑफर के लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी भी ईमेल मैसेज से वेबसाइट पर न जाएं।
- क्यू आर कोड से पैमेंट करते समय डिटेल जांच लें।
- पैन कार्ड, आधार कार्ड, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का पिन कार्ड नंबर किसी के साथ साझा न करें।
- अपना यूपीआई पिन समय समय पर बदलते रहें।
- किसी अनजान व्यक्ति के भेजे पेमेंट विकल्प पर क्लिक न करें।