गढ़ के एक जंगल से मंगलवार को घास लेने गई मूक बधिर किशोरी से उसी के समुदाय के युवक ने रेप की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने असल घटनाक्रम की बजाए मारपीट की तहरीर लेकर पल्ला झाड़ लिया। गांव में रोष फैलने पर पुलिस ने दूसरी तहरीर ली है।
ब्रजघाट रिपोर्टिंग क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले मजदूर परिवार की 16 वर्षीय मूख बधिर किशोरी मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे जंगल में घास काट रही थी। इसी दौरान गांव में रहने वाला उसके समुदाय का ही एक युवक वहां पहुंच गया और किशोरी के साथ रेप की कोशिश करने लगा।
खींचतान के बाद किशोरी जैसे तैसे चंगुल से छूटकर फसल के बाहर निकल आई। इसी बीच रास्ते से होकर निकल रहे किसानों को देख आरोपी फसल में छिपकर भाग गया। किशोरी ने परिजनों को इशारों में आपबीती बताई तो परिजनों समेत ग्रामीणों में रोष फैल गया,
जिन्होंने किशोरी के साथ पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी दी। लेकिन पुलिस ने किशोरी के भाई से महज मारपीट होने की रिपोर्ट लेकर पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित का रोजा था। भड़के हुए ग्रामीण उसे दोबारा साथ लेकर चौकी में पहुंचे और रेप की कोशिश का आरोप लगा एक के खिलाफ तहरीर दी है।
चौकी इंचार्ज सतेंद्र कुमार का कहना है कि मूक बधिर किशोरी से रेप की कोशिश का आरोप निराधार है, जो प्रधानी चुनाव से जुड़ी रंजिश से प्रेरित है। क्योंकि किशोरी के भाई ने गांव के ही एक युवक के खिलाफ मारपीट करने की रिपोर्ट लिखाई है। लेकिन इसके बाद भी परिजन रेप की कोशिश का आरोप लगाकर दूसरी तहरीर दे गए हैं।