किडनी और आंत फटने के बावजूद देवनंदिनी अस्पताल में नई जिंदगी मिली
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मोदीनगर रोड पर लूटपाट के दौरान गोली लगने से लीवर, आईवीसी, किडनी और आंत फटने के बावजूद देवनंदिनी अस्पताल में डा.श्याम कुमार के नेतृत्व में इलाज से नई जिंदगी मिल गई है। 15 दिन तक मौत से जूझने के बाद सोमवार को पीड़ित के स्वस्थ होने पर उसे छुट्टी मिल गई है।
चिकित्सकों का दावा है कि ऐसे केस में मरीज के बचने की उम्मीद कम ही होती है। सात मई को मोदीनगर रोड पर आदर्शनगर कालोनी निवासी योगेश कुमार से लूटपाट के दौरान बदमाशों ने उसे गोली मार दी थी।
पेट में गोली लगने से योगेश की आंत, किडनी, लीवर, आईवीसी फट गये थे। गंभीर हालत में पीड़ित को गढ़ रोड स्थित देवनंदिनी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
योगेश कुमार का इलाज कर रहे डा.श्यामकुमार ने बताया कि लीवर, आंत, किडनी की तो सर्जरी आसानी से हो गई। लेकिन मरीज की इनफोरियर विना कैवा (आईवीसी) फट गई थी। इस नस के फटने से मरीज का बचना आसान नहीं होता है।
उन्होंने बताया कि आईवीसी नस शरीर के खून को दिल तक पहुंचाती है। पांच घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद इस नस की सर्जरी कर दी गई। उन्होंने बताया कि पांच दिन तक मरीज को आईसीयू में रखा गया। कई दिन मौत से जूझने के बाद योगेश कुमार के स्वास्थ्य में सुधार हो गया।
अब योगेश बिल्कुल को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पीड़ित का ऑपरेशन करने वालों में डा.श्यामकुमार समेत डा.संदीप कंसल, डा.एमएलसी, डा.संजय रॉय, डा.प्रमोद, डा.सुधांशु मौजूद रहे।