पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन में 1962 में भारत-चीन बॉर्डर पर देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही इस वर्ष जिले में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
सम्मान के दौरान परिजनों के साथ ही कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। शुक्रवार सुबह पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान शहीद पुलिसकर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
वर्ष 1962 में भारतीय पुलिसकर्मी चीन की सीमा पर गश्त कर रहे थे तभी चीनी सैनिकों ने हमला बोल दिया था। जिसमें कई पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे, तभी से प्रतिवर्ष 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
एसपी अलंकृता सिंह ने डीजीपी के शोक संदेश को पढ़कर सुनाया। इस दौरान इस वर्ष शहीद हुए जिले के दो पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई थानों के प्रभारी व पुलिस लाइन में मौजूद पुलिसकर्मियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह राठौर, सीओ बाबूगढ़ एसके दुबे, कोतवाली प्रभारी यशवीर सिंह, देहात थाना प्रभारी दीक्षित त्यागी, एलआईयू निरीक्षक डीपी त्यागी मौजूद रहे।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नगर के श्री शांति स्वरूप कृषि इंटर कॉलेज में 1990 में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान शहीद चंद्रपाल की शहादत को याद किया गया।
प्रधानाचार्य डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता ने बताया कि मूलरूप से गांव असौड़ा के रहने वाले शहीद चंद्रपाल उनके विद्यालय के छात्र थे। इस दौरान शहीद की भाभी ऊषा ने विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त कर शासन से गांव असौड़ा में शहीद चंद्रपाल की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग की।
इस दौरान डॉ. सुबोध ने शहीद चंद्रपाल के भाई देवदत्त, भाभी ऊषा, भतीजा विश्वजीत को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। रवींद्र कुमार गुप्ता, अजय कुमार मित्तल, सुशील कुमार मौजूद रहे।