गंगा में हो रहे अवैध खनन के वाहनों ने एक युवक की जान ले ली। इससे भड़के लोगों ने जमकर हंगामा किया और बालू लेकर जा रहे छह वाहनों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। अभी तक प्रशासन खनन न होने का दावा करता रहा है।
ग्रामीणों ने गंगा में जेसीबी और मशीनों से हो रहे खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने पर्यावरण और गंगा संरक्षण के चलते रोक लगा रखी है। पट्टाधारियो को भी मशीनों से खनन कराने का आदेश नहीं है।
इसके बावजूद अफसरों की मिलीभगत से तहसील क्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध खनन चल रहा है। ब्रजघाट और पूठ में जेसीबी और मशीनों से गंगा से बालू निकाला जा रहा है। खनन माफिया रात में बालू निकालकर वाहनों कोतेजी से रवाना कर देते हैं।
पूठ सो बालू रेत की सप्लाई बुलंदशहर और मुरादाबाद तक होती है। इसमें दर्जनों ट्रक और ट्रैक्टर-ट्राली लगे रहते हैं। अवैध खनन के वाहन तेजी से दौड़ते हैं, ऐसे में इनसे हादसे हो जाते हैं।
बहादुरगढ़ थानाक्षेत्र के गांव सेहल निवासी गौरव (28) पुत्र किशन अपने पड़ोसी नरेंद्र के साथ स्याना से घर को लौट रहा था। लौंगा सराय के पास नहर पटरी पर बालू से भरे केंटर ने बाइक को टक्कर मार दी।
जिससे गौरव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे गुस्साएं ग्रामीणों ने जोरदार हंगामा किया और पूठ से बालू भरकर ले जा रहे छह वाहनों को पकड़ लिया। इनको पुलिस को सौंप दिया गया है। खनन माफिया का सहयोग कर रहे अफसर अब अवैध खनन को बंद कराने का दावा कर रहे हैं।
एसडीएम शमशाद हुसैन और डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय का कहना है कि गंगा नदी में न तो अवैध बालू खनन होने दिया जाएगा और न ही मशीनों को चलने दिया जाएगा। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की हुई हैं।
गंगा में किसी स्तर पर जेसीबी-मशीनों से खनन नहीं होने दिया जाएगा। ऐसा मामला सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण मानकों से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। - नवीन कुमार दास, क्षेत्रीय खनन अधिकारी।