पावर कारपोरेशन के एक जेई ने लाखों रुपये के बकायेदारों से साजिश कर नए कनेक्शन दे दिए। इसका खुलासा होते ही अफसरों में हड़कंप मच गया है। बीते दिनों मीटर टैंपर्ड मामले में चार अफसरों पर कार्रवाई के समय उक्त जेई बच गया था। एक्सईएन ने जांच बैठा दी है।
बीते दिनों मीटर टैंपर्ड मामले में तत्कालीन एसई, एक्सईएन, जेई और एसडीओ पर गाज गिर गई थी। दिल्ली रोड बिजलीघर पर तैनात जेई उस समय कार्रवाई से बच गया था। जेई ने अब लाखों रुपये का घोटाला कर दिया है।
इससे पावर कारपोरेशन अफसरों में हड़कंप मचा है। उसने मोहल्ला कानून गोयान, फूलगढ़ी, भंडापट्टी, निवाजीपुरा तथा बुलंदशहर रोड आवास विकास के पांच उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन दिए हैं। इन उपभोक्ताओं पर 9.21 लाख रुपये का बिल बकाया है।
शिकायकर्ता ने इसके साक्ष्य एक्सईएन को सौंपे हैं। शिकायत कर्ता ने बताया कि जेई ने कनेक्शन देने के लिए उपभोक्ताओं से लाखों रुपये लिए हैं। आरोपियों से साजिश कर जेई ने पुराने विद्युत मीटर गायब करा दिए हैं।
इससे पावर कारपोरेशन की किरकिरी हो रही है। अधिशासी अभियंता ने इस मामले की जांच बैठा दी है। आरोपी जेई केपी शर्मा का कहना है कि इस तरह का कोई काम नहीं किया गया है, ये आरोप निराधार है।
एक्सईएन पीके गौतम का कहना है कि मामले की जानकारी उन्हें मिल चुकी है। इस संबंध में जांच टीम गठित कर दी गई है। आरोप सत्य मिलने पर जेई के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।