लखनऊ के गोमती नगर थाने की होमगार्ड अर्चना रावत की हत्या का खुलासा पुलिस ने मंगलवार को कर दिया। अर्चना की हत्या उसके ही प्रेमी कांस्टेबल प्रदीप ने की थी। क्योंकि अर्चना उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि प्रदीप पहले से ही शादीशुदा था।
पुलिस कांस्टेबल तक मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पहुंची थी। प्रदीप वर्तमान में मुरादाबाद की पुलिस लाइन में तैनात था। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
एएसपी डा. ओपी सिंह ने बताया कि होमगार्ड अर्चना रावत पुत्री ननकऊ निवासी विजयीपुर विभूति खंड गोमती नगर लखनऊ का शव 19 दिसंबर को सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव नया बांस के पास कुएं से मिला था।
उसकी पहचान शव के पास से मिले आईडीबीआई के एटीएम कार्ड से हुई थी। अर्चना 35वीं कंपनी होमगार्ड लखनऊ में कार्यरत थी। हत्या की रिपोर्ट इरफान पुत्र तबारत निवासी मुरादपुर ने अज्ञात के खिलाफ लिखाई थी।
जब हापुड़ पुलिस ने अर्चना के परिजनों से पूछताछ की तो कई कई नाम सामने आए। पुलिस ने अर्चना के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली, जिसमें मुरादाबाद पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबिल प्रदीप का नाम सामने आया।
पुलिस पूछताछ में प्रदीप ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी कांस्टेबिल प्रदीप ने बताया कि 2012 में वह लखनऊ के गाजीपुर थाने में तैनात था। जहां उसकी मुलाकात होमगार्ड अर्चना रावत से हुई थी और उससे दोस्ती हो गई।
अर्चना लगातार उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। वह पहले से शादीशुदा था। अर्चना उसकी पत्नी और बच्चों को छोड़ने का दबाव बना रही थी।
अर्चना से पीछा छुड़ाने के लिए प्रदीप ने पोस्टिंग मुरादाबाद में करा ली, लेकिन यहां भी अर्चना ने पीछा नहीं छोड़ा और उसकी बात न मानने पर जेल भिजवाने की धमकी थी।
अब प्रदीप ने अर्चना को रास्ते से हटाने का ही मन बना लिया। कांस्टेबल प्रदीप ने 16 दिसंबर को लखनऊ कॉलकर से अर्चना को मुरादाबाद बुलाया।
जहां दोनों मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में रुके। 17 दिसंबर को प्रदीप अर्चना को बाइक पर लेकर गांव के लिए चला था। सिंभावली क्षेत्र में नया बांस के जंगल में उसने ईंट और डंडे से मारकर अर्चना की हत्या कर दी।
एएसपी ने गुडवर्क करने वाले सिंभावली के एसओ दीक्षित त्यागी और उनकी टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।