सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत एक कांस्टेबल ने पत्नी और आठ माह के बच्चे की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को गांप पाथेड़ा के नजदीक नहर में डाल दिया। महिला और उसका बेटा काफी समय से लापता थे पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई थी। इस दोहरे हत्याकांड से परदा उस समय उठा, जब पुलिस ने शक के आधार पर कथित रूप से अपहृत मृतका और उसके पुत्र के संबंध में सख्ती से पति से पूछताछ की। फिलहाल पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल और उसकी मां के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
नौलायजा निवासी रामेश्वर ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी रीना की शादी फरवरी 2014 में धनोंदा गांव के रहने वाले धर्मेंद्र के साथ की थी। आरोप है कि धर्मेंद्र शादी के समय से ही उनकी बेटी पर दहेज के लिए दबाव बना रहा था। कुछ दिन पूर्व ही फोन कर एक लाख रुपये मांग की जा रही थी। इसके बाद वे धनौंदा पहुंचे तो उनकी बेटी घर पर नहीं मिली। उन्हें शक हुआ कि उनके दोहते और बेटी का अपहरण कर लिया गया है।
घटना में आरोपी की मां ने भी उसका साथ दिया है। शिकायत के बाद पूरे मामले की जांच कर रही कनीना पुलिस ने उसमें धमेंद्र के शामिल होने के कुछ सुराग हाथ लगे। जिसके चलते बीते दिन कनीना पुलिस का एक दल धर्मेंद्र की गिरफ्तारी वारंट लेकर जब उसे उसकी बटालियन से कनीना लेकर आया तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया तथा सारी घटना के बारे में खुुलासा किया।
इस तरह दिया डबल मर्डर को अंजाम
धर्मेंद्र ने इस डबल मर्डर को दबाने के लिए पूरी योजना बनाकर यूनिट से फरलो मार कर 14 दिसंबर की देर रात को अपने गांव पहुंचा। उस वक्त आरोपी की मां अपने किसी रिश्तेदारों के यहां गई थी। घर पर उसकी पत्नी व बेटा ही मौजूद थे। इसी मौके का फायदा उठाते हुए उसने अपनी पत्नी रीना का लकड़ी छिलने वाले तेज हथियार से गला रेत दिया तथा बाद में अपने करीब 8 महीने के पुत्र का गला रस्सी से घोंटकर मौत के घाट उतार दिया।
इसके बाद दोनों की लाशों को ठिकाने लगाने के लिए धर्मेंद्र ने पहले अपनी पत्नी की लाश को रस्सी के सहायता से अच्छी तरह बांध कर गोल कर दिया और फिर उसे एक कंबल में लपेटने के बाद रजाई के कवर में लपेट कर बांध दिया। इसी तरह उसने अपने बेटे को एक अलग कपड़े में बांध कर एक कट्टे में डाल दिया। सुबह हो जाने के चलते आरोपी धर्मेंद्र ने दोनो ंलाशों को कमरे में ही छोड़कर घर के बाहर ताला लगाके पूरे दिन गांव से बाहर दूसरे क्षेत्र में इधर-उधर घूमता रहा ताकि गांव में किसी को उसके आने का पता न चल सके। 15 दिसंबर की देर रात को धर्मेंद्र वापस अपने घर आया और बोरों में पैक कर रखी अपनी पत्नी और पुत्र की लाश को बारी-बारी से बाइक से नहर में फेंक कर वापस अपनी बटालियन दिल्ली चला गया।
नहर से बरामद हुए शव
डीएसपी कनीना शाकिर हुसैन और थाना प्रभारी अजेश कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को कनीना पुलिस ने हत्यारोपी धर्मेंद्र को मौके पर ले जाकर अंधेरी रात में ही पाथेड़ा नहर से आरोपी की पत्नी एवं बच्चें की लाशें बरामद की। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए महेंद्रगढ़ भिजवा दिया।