दलित बच्ची की रेप के बाद हत्या के मामले में बहादुरगढ़ पुलिस के हाथ एक महीने बाद भी खाली हैं। इससे बाल्मीकि समाज में फैल रहे रोष को देखते हुए एसपी ने आरोपी की धरपकड़ को टीम गठित की है। नाराज लोगों ने एसपी के गांव पहुंचने पर शिकायत की थी।
बहादुरगढ़ क्षेत्र के एक गांव में बाल्मीकि मजदूर की आठ वर्षीय बेटी तीसरी क्लास में पढ़ती थी। वह 22 अक्तूबर को पास के जंगल में बकरी चराने गई थी। वहां उसकी रेप के बाद गला घोटकर हत्या कर दी गई थी। एक माह बाद भी बहादुरगढ़ पुलिस के हाथ खाली हैं।
अभी तक आरोपी के बारे में पुलिस को जानकारी तक नहीं हो पाई है। इससे हापुड़ सहित आसपास के जिलों के बाल्मीकि समाज में रोष बढ़ रहा है। गुस्साए लोग तहसील और जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। जिसके चलते एसपी अलंकृता सिंह रविवार को बहादुरगढ़ थाने पहुंची।
उन्होंने रेप के बाद की हत्या के मामले में की कार्रवाई की जानकारी ली। इसके बाद एसपी संबंधित गांव में पहुंच गईं। वहां उन्होंने मृतक बच्ची के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात की। एसपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि आरोपी को जल्द दबोचकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की धरपकड़ को विशेष एसपी ने टीम का गठन किया है।
टीम में सीओ हापुड़ शैलेंद्र राठौर, सीओ पिलखुवा अतुल यादव, क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव शुक्ला, गढ़ इंस्पेक्टर समरजीत सिंह, स्वाट टीम इंचार्ज दीक्षित त्यागी और सर्विलांस टीम को शामिल भी किया है।