सीजेएम कोर्ट ने चेक बाउंस होने पर पिलखुवा निवासी एक व्यक्ति पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए एक वर्ष की सजा सुनाई है। पचास हजार रुपये राज्य सरकार के पक्ष में जमा कराने के आदेश भी दिए हैं। आरोपी को कोर्ट ने जमानत पर छोड़ दिया गया।
अधिवक्ता खालिद खान ने बताया कि हापुड़ के श्रीनगर निवासी आकाश अग्रवाल से पिलखुवा में रहने वाले राजीव कुमार तेवतिया ने वर्ष 2014 में ढाई लाख रुपये प्लाट खरीदने के लिए उधार लिए थे।
जिसके बाद रुपये देने में राजीव द्वारा आनकानी की जाने लगी। इसी बीच उसने इलाहाबाद बैंक का चेक दिया। उक्त चैक को वादी ने अपने एकाउंट में जमा किया, लेकिन रुपया न होने के कारण अप्रैल 2014 को चेक बाउंस हो गया।
पीड़ित आकाश अग्रवाल ने चेक बांउस होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में वाद दाखिल किया। तभी से मामला कोर्ट में विचारधीन था। बृहस्पतिवार को सीजेएम मोहम्मद रफी की अदालत ने मामले में निर्णय सुनाया।
वादी के अधिवक्ता खालिद खान ने बताया कि कोर्ट ने मामले में आरोपी राजीव को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। आरोपी को एक वर्ष की सजा व पांच लाख रुपये जुर्माने के आदेश दिए।
इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को जमानत पर छोड़ दिया। वहीं, जुर्माना राशि में से पचास हजार रुपये राज्य सरकार के पक्ष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।