चार महीने से वेतन को तरस रहे बिजली निगम के संविदा कर्मचारियों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। कर्मियों ने एक अधिकारी पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए अधिशासी अभियंता और एसडीओ का घेराव किया।
काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच तकरार चलती रही। एसई ने जल्द राहत का आश्वासन दिया, लेकिन कर्मचारी पैसा मिलने के बाद ही काम पर लौटने की बात पर अड़े रहे। बता दें कि बिजली निगम में तैनात संविदा कर्मचारियों को बीते चार महीने से वेतन नहीं मिला है।
कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान तो दूर कोई अधिकारी इस मामले में हस्तक्षेप करने को भी तैयार नहीं है। ऐसे में सोमवार को फिर से संविदा कर्मी धरने पर बैठ गए।
इसी बीच मेरठ से भी संविदा कर्मचारी संघ के कुछ पदाधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। आरोप है कि पदाधिकारियों ने इस संबंध में एक अधिकारी से वार्ता करनी चाही तो अधिकारी ने उनसे अभद्रता की। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने काफी हंगामा किया।
इसके बाद कर्मचारी अधिशासी अभियंता के कार्यालय पर पहुंचे और दोनों अधिकारियों का घेराव किया। अधिशासी अभियंता जल्द राहत का आश्वासन देते रहे, लेकिन कर्मचारी पैसा मिलने के बाद ही कार्य पर लौटने की बात पर अड़े रहे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी हुई।
अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि ठेकेदार का बिल पास हो चुका है। मंगलवार तक कर्मचारियों को मानदेय मिल जाना चाहिए। यह बात उनसे कही जा चुकी है, लेकिन कर्मचारी सुनने को तैयार नहीं हैं।
चार माह से वेतन न मिलने सहित विभिन्न मांगों को लेकर उप्र बिजली मजदूर संगठन की हड़ताल तीसरेे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारी ठेकेदार से साठगांठ कर उनका शोषण कर रहे हैं।
वेतन न मिलने सहित विभिन्न मांगों को लेकर उप्र बिजली मजदूर संगठन के बैनर तले संविदा कर्मियों ने शनिवार को कार्य बहिष्कार कर अनिश्चित कालीन हड़ताल की थी। गढ़ यूनियन सचिव शिवकुमार गिरि ने बताया कि वेतन न मिलने, ईपीएफ,
बीमा, आईकार्ड सहित विभिन्न समस्याओं का अधिकारी कोई समाधान नहीं कर रहे हैं। इसके चलते संविदाकर्मी परेशान हैं। कर्मियों का आरोप है कि अधिकारी ठेकेदार से साठगांठ कर उनका उत्पीड़न कर रहे हैं।
इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान न होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में जसवंत सिंह, अमित पाल, अंकित, धर्मेंद्र भाटी, कुलदीप भाटी, राजकुमार उपाध्याय,
रमेश चंद, कपिल शर्मा, सुरेंद्र कुमार, सुंदरपाल, इस्माइल, जाने आलम, रामौतार, ओमपाल सिंह, सुरेश वीर, विपिन शर्मा, सोनू, सरफराज समेत दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।