मैसर्स शब्द लिखा होने के चलते दो पावरलूम कारखानों के विद्युत कनेक्शन नहीं जोड़ने पर सोमवार को पीड़ित बुनकरों ने सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। चार माह के इंतजार के बाद छह कारखानों को तो कनेक्शन मिल गए हैं लेकिन दो कारखानें अब भी कनेक्शन के बिना बंद पड़े हुए हैं।
बीते दिनों पावर कारपोरेशन की टीम ने बकायेदारी के चलते 10 पावरलूम कारखानों के विद्युत कनेक्शन काट दिए थे। हालांकि वस्त्र निरीक्षक के निरीक्षण में 8 कारखानों को पूरी तरह सरकार से मिलने वाली सब्सिडी के लिए पात्र माना गया था।
इस रिपोर्ट के आधार पर निगम अफसरों ने 6 कारखानों का तो कनेक्शन जोड़ दिया था, लेकिन दो कारखानों के नाम के आगे मैसर्स लिखा होने के कारण इनके कनेक्शन को चालू नहीं किया गया। ऐसे में बीते चार महीने से उक्त दोनों कारखानें बंद पड़े हुए हैं।
इस मामले में सोमवार को बुनकरों ने सीडीओ को ज्ञापन सौंपकर राहत की गुहार लगाई है। ज्ञापन सौंपने वालों में अमन गुप्ता, मोहम्मद गुफरान अंसारी, हाजी शाहिद अंसारी, नफीस अहमद, मोहम्मद दिलशाद अंसारी, मोहम्मद इरशाद अंसारी आदि मौजूद है।