मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही शहर और देहात को भरपूर बिजली आपूर्ति देने के आदेश जारी किए हों लेकिन हापुड़ में सीएम का आदेश सिर्फ कागजों में सरपट दौड़ रहा है। अंधाधुंध बिजली कटौती से लोग हलाकान हो रहे हैं।
हालांकि निगम अफसरों के रिकॉर्ड में दिन और रात में महज एक घंटे ही कटौती की जा रही है। विभागीय हुक्मरान ही प्रदेश सरकार की पहल को पलीता लगा रहे हैं। भाजपा के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ने शहर को 24 और देहात को 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति देने के आदेश जारी किए थे।
इस संबंध में निगम अफसरों से रिपोर्ट भी मांगी गई थी। रिपोर्ट में अफसरों ने स्पष्ट किया था कि जिले में स्थापित बिजलीघर इतनी आपूर्ति देने के लिए तैयार हैं। लेकिन पारा चढ़ते ही अफसरों के तमाम दावे फुस्स हो रहे हैं।
सोमवार को शहर में बिजली कटौती का सिलसिला जारी रहा, मोहल्ला खाई, मेरठ रोड आवास विकास में तो चार घंटे तक बिजली गुल रही। वहीं, देहात क्षेत्र में रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों में मच्छरों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में निगम अफसरों से बात करने पर पता चला कि रिकॉर्ड में पूरे दिन में महज एक घंटे ही कटौती की गई है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम अफसर मुख्यमंत्री के आदेशों की किस तरह धज्जियां उड़ा रहे हैं।
अधिशासी अभियंता सचिन कुमार का कहना है कि कंट्रोल से जितनी आपूर्ति मिल रही है, देहात को 18 और शहर को 22 घंटे तक आपूर्ति दी जा रही है।