हापुड़। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट एप लांच किया गया है। इसके जरिए मिलावटखोरी की शिकायत ऑनलाइन दर्ज हो जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग होटल, रेस्तरां और दुकानों पर जागरूकता के लिए स्टीकर लगाएगा। इसपर छपे क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकेगी।
एप के जरिए दर्ज होने वाली शिकायत का संज्ञान लेकर एक घंटे में निस्तारण करना होगा। विभाग के उच्च अधिकारी तुरंत खाद्य सुरक्षा अधिकारी को मौके पर भेजेंगे और नमूने आदि भी लिए जाएंगे। अभी शिकायत के अगले दिन और कई घंटे बाद जाकर टीम मौके पर पहुंचती है। तब तक मिलावटी सामान को मौके से हटा दिया जाता है। एप की मदद से उपभोक्ता मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों की जानकारी फोटो के साथ दर्ज करा सकेंगे। खाद्य सुरक्षा विभाग जल्द ही जागरूकता अभियान भी शुरू करेगा।
तमाम प्रयासों के बाद भी नहीं रुक रही मिलावट
खाद्य पदार्थों में मिलावट रुकने का नाम नहीं ले रही है। जबकि, हर माह जिले में मुनाफाखोरी के लिए मिलावटखोर दूध, खोया, पनीर, घी, मसाले, मिठाई और ड्राई फ्रूट तक में मिलावट कर रहे हैं। इस मिलावटी सामग्री को खाने से लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही एडीएम न्यायालय ने 40 से अधिक मामलों में कार्रवाई कर आठ लाख से अधिक का जुर्माना लगाया है। पहले जहां शिकायत के लिए हेल्पलाइन, लिखित और वेबसाइट का सहारा लेना पड़ता था, अब यह काम कुछ सेकंड में हो जाएगा। यदि किसी के खिलाफ जिले में कहीं कार्रवाई हुई है तो फिर इसकी जानकारी एप से भी मिल जाएगी।
लाइसेंस के लिए कर सकेंगे आवेदन
व्यापारी को लाइसेंस और पंजीकरण के लिए अब कार्यालय की दौड़ लगानी नहीं पड़ेगी। लाइसेंस के लिए एप के जरिए विभागीय पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके बाद विभाग ऑनलाइन सत्यापन के बाद लाइसेंस जारी करेगा। भविष्य में इस एप पर जिले में कितने होटल, रेस्तरां, दुकान आदि की भी जानकारी देख सकेंगे। इसमें, संचालक का नाम, पंजीकरण नंबर आदि की जानकारी भी मिलेगी।
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मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने फूड सेफ्टी कनेक्ट एप को लॉंच किया है। इसे उपभोक्ता मोबाइल पर डाउनलोड कर मिलावट करने वाले व मिलावटी सामग्री की बिक्री करने वालों की सूचना एप पर अपलोड कर सकेंगे। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी देगी। कार्रवाई की रिपोर्ट डीएम को भी दी जाएगी।
- महेंद्र श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग