मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने बुधवार को लोकसभा के शून्यकाल के दौरान सरकार का ध्यान चाइनीज मांझे से हो रही दुर्घटनाओं की ओर खींचा। उन्होंने इस मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
सांसद ने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र मेरठ में 11 अप्रैल 2016 को चाइनीज मांझे से पतंग उड़ाते समय 10 वर्षीय बच्चा शहजाद की पतंग 33 हजार की विद्युत लाइन से उलझ गई। मांझे में करंट आने से झुलसकर बच्चे की मौत हो गई।
देशभर में चाइनीज मांझे के कारण इंसान और पक्षियों के घायल होने और मौत के मामले आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह मांझा जानलेवा होने के साथ ही जहरीले नॉन बायोडिग्रेडेबल संघटकों से निर्मित है, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है।
सांसद ने बताया कि कुछ प्रदेशों गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत चाइनीज मांझे की बिक्री व उपयोग को प्रतिबंधित किया हुआ है। स्पष्ट परिभाषा नहीं होने के कारण इस मांझे के विक्रेता कानूनी दायरे से बाहर चले जाते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती।
उन्होंने सभापति के माध्यम से सरकार से अनुरोध किया कि सर्वप्रथम टैक्सटाइल टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों के साथ इस मांझे के स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए। पूरे देश में चाइनीज मांझे या इस प्रकार के हानिकारक मांझे के भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए।