शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। शहर में बंदरों के आतंक से जल्द राहत मिलेगी। नगर पालिका बंदरों को पकड़ाने के लिए मथुरा से एक टीम को बुलवा रही है। इसे लेकर कागजी कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
शहर में बंदरों का आतंक तेजी से बढ़ रहा है। शायद कोई ऐसी गली या मोहल्ला हो, जिसमें बंदरों का आतंक न हो। करीब दो साल पहले कोठी गेट निवासी एक व्यक्ति की बंदरों से बचने के चक्कर में छत से गिरकर मौत हो चुकी है। गांधी गंज निवासी एक किशोर को बंदरों ने हमला कर घायल कर दिया था।
शहर में बंदरों के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। आलम यह है कि छतों पर जाने से महिला और बच्चे डरने लगे हैं। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में पालिका सदस्य सीमा वर्मा, सुनील पटवारी, अमित नागर ने शहर में बंदरों के
आतंक को निपटने की मांग की थी। नगर पालिका ने अब बंदरों को पकड़वाने के लिए मथुरा की एक टीम से संपर्क किया है। इन बंदरों को पकड़वाकर शहर से दूर जंगलों में छुड़वाया जाएगा।
बंदरों को पकड़वाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। मथुरा से टीम बुलाई जाएगी। मामले में नगर पालिका की आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव भी रखवाया जाएगा। - दिलशाद हसन, मुख्य सफाई निरीक्षक