गढ़मुक्तेश्वर। तहसील में भ्रष्टाचारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई, बकाया गन्ना भुगतान, और खसरा-खतौनियों में त्रुटि सही कराने समेत कई मांगों को लेकर भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ता पिछले 11 दिनों से तहसील के मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन कोई अधिकारी वार्ता करने नहीं पहुंचा। मंगलवार को गुस्साए किसानों ने तहसील और ब्लॉक परिसर में पशु बांध दिए। अधिकारियों से वार्ता के बाद देर शाम आश्वासन मिलने पर किसानों ने धरना स्थगित कर दिया।
मंगलवार को संगठन के कार्यकर्ता और किसान धरने पर डटे हुए थे, धरना स्थल पर अधिकारियों से वार्ता की सभी को उम्मीद थी। लेकिन 11 बजे तक भी कोई अधिकारी उनके पास वार्ता करने के लिए नहीं पहुंचा। जिसके बाद कार्यकर्ताओं के सब्र का बांध टूट गया। कार्यकर्ता आक्रोशित हो उठे, जिन्होंने नारेबाजी करते हुए तहसील और ब्लॉक परिसर में निराश्रित पशु बांध दिए।
गुस्साए किसानों ने अधिकारियों की अनदेखी को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिला विंग प्रदेशाध्यक्ष बबली त्यागी ने कहा कि शासन के इशारे पर अधिकारी निरंकुशता से काम कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों के आक्रोशित होने की सूचना मिलते ही जिला खनन अधिकारी नीलू, एसडीएम साक्षी शर्मा, गन्ना समिति सचिव राकेश पटेल, सीओ स्तुति सिंह के अलावा अन्य कई अधिकारी धरना स्थल पर वार्ता के लिए पहुंच गए। कई घंटों तक चली वार्ता बाद देर शाम किसानों और अधिकारियों के बीच सहमति बन सकी।
युवा मंडल अध्यक्ष जीते चौहान ने कहा कि किसानों की समस्याओं का हर कीमत पर समाधान होना चाहिए, भ्रष्टाचारी कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और गन्ना भुगतान जल्द दिलाया जाए। वहीं खसरा-खतौनी और घरौनियों में हुई गड़बड़ी को बिना किसी शुल्क ठीक कराया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने सभी समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया। इस दौरान युवा जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी, वीरेंद्र चौधरी, गुड्डू प्रधान, कुलदीप राठी, अमित, फैजान प्रधान, विकल नागर आदि मौजूद रहे।