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संभलकर निकलें, गढ़ में कल लग सकता है जाम

Sun, 07 Feb 2016 12:21 AM IST
अमर उजाला, गढ़मुक्तेश्वर
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बरेली-मुरादाबाद और दिल्ली-गाजियाबाद की तरफ आने-जाने वाले वाहन चालकों को सोमवार को गढ़ में जाम से जूझना पड़ सकता है।
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दरअसल, मौनी अमावस्या होने के कारण शनिवार से ही दूसरे राज्यों से श्रद्धालुओं का गढ़ पहुंचना शुरू हो गया हैं। रविवार रात को हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम के हालात बन सकते हैं।

हालांकि पुुलिस-प्रशासन का दावा है कि जाम से निपटने के इंतजाम किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर ही हाईवे पर डायवर्जन लागू किया जा सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एक प्लाटून पीएसी समेत काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। सीओ गढ़ सतीश चंद्र पांडेय ने बताया कि मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए दूसरे राज्यों से श्रद्धालुओं का गढ़ पहुंचना शुरू हो गया है।
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जाम से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। रविवार रात से हाईवे समेत भीड़ बढ़ने के आसार हैं। हाईवे पर जाम लगने की स्थिति में डायवर्जन लागू किया जा सकता है।

जाम की स्थिति में मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़ की तरफ आने-जाने वाले वाहन ब्रजघाट से पलवाड़ा रोड वाया डेहरा कुटी से वैट होकर जाम से बचते हुए हाईवे पर पहुंच सकेंगे।

वहीं, मेरठ, बागपत, बड़ौत, किठौर क्षेत्र के वाहन गांव अल्लाबख्शपुर के सामने से महमाई रोड होकर गढ़ कस्बे से निकलकर मेरठ रोड पर जा सकेंगे। बुलंदशहर, स्याना, औरंगाबाद से आने वाले वाहन ब्रजघाट वाया पलवाड़ा रोड होकर निकलेंगे।

यह रहेगी व्यवस्था

ब्रजघाट चौकी इंचार्ज एके निर्वाल ने बताया कि हाईवे को जाममुक्त रखने और भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखने के प्रबंध किए गए हैं।

इसके लिएपांच सब इंस्पेक्टर, 25 कांस्टेबल, एक प्लाटून पीएसी, दो टीएसआई,8 ट्रैफिक पुलिस कर्मी, दो महिला सब इंस्पेक्टर, 8 महिला कांस्टेबल एक दमकल गाड़ी, हाईवे पर खराब होने वाले वाहनों के लिए एक क्रेन की व्यवस्था की गई है।

आस्था की डुबकी लगाने को आने लगे श्रद्धालु

मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर सोमवार को ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगेगी। इसके मद्देनजर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत पश्चिमी यूपी के कई जनपदों से श्रद्धालुओं का आवागमन प्रारंभ होने पर तीर्थनगरी में भीड़ बढ़ने लगी है।

जबकि यहां की सैकड़ों धर्मशाला, आश्रम और मंदिर परिसरों में भक्तों का आगमन होने से हर तरफ चहल पहल बढ़ती जा रही है। मौनी अमावस्या पर गंगा में डुबकी लगाने का विशेष महत्व माना जाता है।

प्राचीन पंचायती मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुरेंद्र प्रसाद शर्मा और पंडित रमाशंकर तिवारी का कहना है कि मौनी अमावस्या इस बार सोमवार के दिन होने से मोक्ष दायिनी में आस्था की डुबकी लगाने का विशेष महत्व रहेगा।
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इस दिन गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र दान करने वाले पापों से मुक्त होकर मनोवांछित फल के भागीदार बनते हैं, क्योंकि इस दौरान रात में ठिठुरती सर्दी का प्रकोप रहता है।
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