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शीत लहर में ठंड़ा पड़ा चुनाव प्रचार ....

Sat, 07 Jan 2017 10:14 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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यूपी इलेक्शन - फोटो : demo pic
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भाजपा, कांग्रेस और रालोद के प्रत्याशियों की घोषणा में हो रही देरी के साथ ही सर्द मौसम में चुनावी सरगर्मी ठंडी पड़ रही हैं। जिससे गांवों में नुक्कड़ सभाओं के दौर भी तेजी नहीं पकड़ पा रहा है।
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देश के सबसे बड़े सूबे में सह-मात को लेकर सियासी दलों के बीच घमासान शुरू हो चुका है। गढ़ विधानसभा में अभी तक चुनावी सरगर्मी जोर नहीं पकड़ पा रही हैं। जिसके पीछे भाजपा, कांग्रेस और रालोद के प्रत्याशियों की घोषणा न होना सबसे अहम वजह माना जा रहा है।

इसके अलावा जिन प्रत्याशियों को अपनी पार्टियों से हरी झंडी मिल चुकी है, वे और उनके समर्थक भी आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के खौफ के चलते फिलहाल फूंक-फूंककर कदम उठा रहे हैं।
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वहीं रात में घना कोहरा और बारिश के बाद दिनभर सूरज न निकलने से शीत लहर जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे प्रचार अभियान पूरी तरह ठंडा चल रहा है। चुनाव का बिगुल बजते ही सुख-चैन भूलकर प्रचार में जुटने वाले समर्पित वर्कर भी फिलहाल खामोश दिखाई पड़ रहे हैं।

कार और वाहनों की संख्या सीमित होने से प्रत्याशियों के काफिलों में पहले जैसी रंगत नजर नहीं आ रही है, क्योंकि त्योहार और नववर्ष के उपलक्ष्य में दीवारों पर लगाए गए होर्डिंग-बैनरों को पहले ही पुलिस-प्रशासन हटवा चुका है।

घोषित प्रत्याशियों की जीत के मकसद से उनके समर्थक जनसंपर्क कर रहे हैं। मौसम का मिजाज बिगड़ने से फिलहाल उन्हें सर्दी की मार भी सहनी पड़ रही है। जिससे जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं में अभी तक अपेक्षित भीड़ जुटने का सिलसिला शुरू नहीं हो पाया है।

घोषित प्रत्याशी अभी तक अपने कार्यालय भी नहीं खोल पाए हैं, जिससे समर्थकों को एक साथ बैठकर चुनावी चर्चा करने का मौका नहीं मिल पा रहा है।

भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पाल और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष डॉ.फराहीम का कहना है कि गढ़ सीट पर पहले चरण में 11 फरवरी को मतदान होना है, इसलिए सभी पार्टियों के प्रत्याशियों की घोषणा और नामांकन दाखिल होने के बाद ही चुनाव प्रचार में अपेक्षित तेजी आ पाएगी।
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