विधान सभा चुनाव का प्रचार जिले में थम गया है और प्रत्याशी अधिक मतदान कराने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं। पोलिंग एजेंट बनाने की तैयारी भी विभिन्न प्रत्याशियों ने तेजी से शुरू कर दी है। विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार की शाम को पांच बजे प्रचार थम गया।
प्रचार के थमते ही प्रत्याशी अपने-अपने चुनाव कार्यालयों पर पहुंच गए और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अधिक से अधिक मतदान कराने की रणनीति में जुट गए। प्रत्याशियों का यहीं प्रयास है कि उनके वोटर अधिक से अधिक मतदान केंद्र पर पहुंच सके।
वहीं विभिन्न प्रत्याशियों के कार्यालयों पर भी पोलिंग एजेंट बनाने के कार्य शुरू हो गए हैं। प्रत्याशी इलाके के तेज तर्रार एजेंटों को पोलिंग एजेंट बनाने में जुटे हुए हैं। ऐसे पोलिंग एजेंट ढूंढ रहे हैं जो अपने क्षेत्र में अधिकांश मतदाताओं को जानते हैं।
ताकि अगर कोई फर्जी मतदान करने आए तो उसे रोक सके। चुनाव प्रचार बंद होने के बाद अब शहर में प्रत्याशी और उनके समर्थकों की भीड़ दिखाई देनी बंद हो गई।
उधर पांच बजते ही पुलिस व प्रशासन के अधिकारी व आचार संहिता का पालन कराने वाली टीम के सदस्य क्षेत्र में गश्त करने लगे ताकि कोई प्रत्याशी आचार संहिता का उल्लंघन न करें और प्रचार न कर सके।