परिवहन निगम द्वारा बसों की भौतिक दशा जांचने के लिए अप्रैल से अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें अधिकारियों की ओर से बस की जांच में दिए गए अंकों के आधार पर बसों की ए, बी और सी श्रेणी निश्चित की जाएगी।
बसों की जांच होने पर यात्रियों को खटारा बसों में यात्रा करने से निजात मिलेगी। हापुड़ डिपो द्वारा लंबे मार्गों पर बेशक उत्तम श्रेणी की बसों का संचालन किया जाता हो
लेकिन लोकल मार्गों पर अधिकांश खटारा बसें चलती हैं। इनमें यात्रियों के बैठने-खड़े होने आदि की व्यवस्था सही नहीं होती है। यात्रियों को मजबूरी में इन बसों में यात्रा करनी पड़ती है।
हालांकि भौतिक स्थिति के आधार पर बसों को श्रेणियों में रखे जाने से खटारा बसें सड़क पर नहीं दौड़ सकेंगी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक धीरज सिंह पवार कहना है कि अगले महीने से बसों के निरीक्षण का कार्य शुरू हो जाएगा।
डिपो से संचालित 110 बसें काफी अच्छी स्थिति में हैं, कर्मियों को बसों की जांच कर कुछ कमी मिलने पर उसे तुरंत दुरस्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
चेकिंग टीम बस में डेस्टिनेशन बोर्ड लगा होने, सही सफाई होने, बाहर और अंदर से बस की बाडी और पेंट सही होने, सीट का अगला और पिछला कवर फिक्स होने,
बस के अंदर पूरी पेंटिंग होने की स्थिति में प्रत्येक बिंदू पर दो-दो अंक दिए जाएंगे। वहीं खिड़की के सभी शीशे पूरे होने, बस के आगे-पीछे बंपर लगा होने
फर्श पूरी तरह सही होने, डोर हैंडल व डोर लॉक सही होने तथा बस का दरवाजा ठीक बंद होने की दशा में एक-एक अंक दिया जाएगा। इसमें 15, 12 और 10 अंक पाने वाली बस को क्रमश: ए, बी और सी श्रेणी में बाटा जाएगा।