अक्तूबर का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप थम नहीं पा रही है। इससे वायरल फीवर, मलेरिया बुखार, टायफाइड, चिकन गुनिया और डेंगू के डंक से पीड़ित मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है।
वहीं बुखार से पीड़ित मरीजों की मौत होने का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। गढ़ में तहसील रोड पर रहने वाले बैंक कर्मी नत्थू सिंह के घर उनकी सास बुलंदशहर निवासी कमला 65 वर्ष बेटी से मिलने आई हुई थी।
जिसे तीन दिन पहले बुखार हो गया था। जिसका स्थानीय चिकित्सक से इलाज चल रहा था, लेकिन आराम नहीं मिला। शनिवार सुबह कमला की मौत हो गई।
नत्थू सिंह ने बताया कि इलाज कर रहे चिकित्सकों ने मेडिकल जांच में सास कमला देवी को बुखार से पीड़ित होने की पुष्टि की थी।