गंगा खादर क्षेत्र के करीब 40 गांवों में नेक ब्लास्ट और ब्राउन प्लांट हॉपर रोग ने सैकड़ों बीघा धान की फसल को चपेट में ले लिया है। बीमारी की रोकथाम के इंतजाम और प्रभावित इलाकों में सर्वे न होने से पीड़ित किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
सुगंध और रूसी किस्म के बासमती धान की अगेती फसल में कटाई चल रही है लेकिन पछेती बुआई वाली फसल में नेक ब्लास्ट और ब्राउन हॉपर प्लांट बीमारी ने पांव पसार लिए हैं। मुकीमपुर, कुतुबपुर, माखनपुर, भगवंतपुर, जमालपुर, झड़ीना,
नयागांव, लठीरा, गड़ावली, नयाबांस, अब्दुल्लापुर, रेतावाली मंढैया, मंढैया किशन सिंह, रामसिंह मंढैया के बाद रामपुर न्यामतपुर, कुदैनी मंढैया, शाकरपुर सहित आसपास के कई गांवों की फसल में बीमारी का प्रभाव है।
किसान इंद्रजीत सिंह सोलंकी, जसपाल, बलजीत, सुरेंद्र त्यागी, सोनू चौहान, गजेंद्र सोलंकी का आरोप है कि बीमारी की रोकथाम के लिए कीटनाशक का छिड़काव और नुकसान का मुआवजा तो दूर बल्कि अब तक प्रभावित फसलों का सर्वे तक शुरू नहीं किया गया है।
कृषि विभाग के सहायक प्राविधिक सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि नेक ब्लास्ट फफूंदी और ब्राउन प्लांट हॉपर वायरल संक्रमण है।
इनके लक्षणों की पहचान कर नेक ब्लास्ट बीमारी में ट्राईसाइक्लाजोल और ब्राउन प्लांट हॉपर रोग की रोकथाम के लिए इमिडाक्लोफाइड अथवा नीम के तेल का छिड़काव किया जाना चाहिए।
तहसीलदार भगत सिंह ने बताया कि बीमारी से प्रभावित धान की फसल का खेतवार सर्वे कराया जाएगा। रिपोर्ट में नुकसान की पुष्टि होने के बाद ही पीड़ित किसानों को मुआवजा मिल सकेगा।