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शीतगृहों में आलू ले जाने पर किसानों को नहीं होगी परेशानी

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शीतगृहों में आलू ले जाने पर किसानों को नहीं होगी परेशानी
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हापुड़। लॉक डाउन के दौरान किसानों को शीतगृहों में आलू रखने में कोई परेशानी नहीं होगी। डीएम ने आलू से लदी किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉली और बुग्गी को अनुमति दे दी है, साथ ही स्टोरेज कर्मियों को (पैरिसेविल कृषि उत्पाद के रख रखाव हेतु) लॉकडाउन से मुक्त किया गया है।
कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में संपूर्ण लॉक डाउन किया गया है। इन दिनों किसान खेतों में आलू की खुदाई कर रहे हैं। किसान आलू का कोल्ड स्टोरेज में भंडारण करते हैं, ताकि अच्छा दाम मिलने पर उसे बेच सके। जिले में गन्ने के बाद सबसे ज्यादा आलू की खेती होती है। हाल के दिनों में बेमौसम की बारिश व ओलावृष्टि के चलते आलू की खुदाई भी प्रभावित हुई थी। मौसम साफ होने के बाद कोरोना वायरस से पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा हो गई थी। लोगों के घर से निकलने पर भी पाबंदी लगा दी गई। हालांकि सब्जी व अन्य जरूरत की चीजों पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया। लेकिन किसानों में खेतों में हो रही आलू की खुदाई से लेकर उन्हें शीतगृहों में लाने पर प्रतिबंध की आशंका बनी हुई थी। हालांकि डीएम ने इस आशंका को दूर करते हुए किसानों को इससे छूट दे दी। डीएम अदिति सिंह ने आलू से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली/बुग्गी को लॉकडाउन के दौरान आने जाने की अनुमति दे दी है। साथ ही कोल्ड स्टोरेज के कर्मियों (पैरिसेविल कृषि उत्पाद के रख रखाव हेतू) को लॉकडाउन से मुक्त किया गया है। इसके के साथ साथ निजी शीतगृहों में भंडारित आलू की फॉगिंग कराने की भी अनुमति डीएम द्वारा दी गई है।
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इन दिनों जिले में आलू की खुदाई हो रही है। कोरोना के चलते पूरे जिले में लॉकडाउन है। लेकिन जरूरी सामानों व सब्जियों की खरीदारी पर प्रतिबंध नहीं है। इसलिए शीतगृहों में जो आलू आ रहे हैं, उन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। आलू से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली/बुग्गी को लॉकडाउन के दौरान आने जाने की अनुमति दी गई है।
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