तहसीलदार के तबादले पर अड़े अधिवक्ता
गढ़मुक्तेश्वर। तहसीलदार द्वारा अभद्रता और कार्यों में ढिलाई बरतने के आरोप में गढ़ कचहरी में अधिवक्ताओं को दो गुट बन गए हैं। गढ़ बार एसोसिएशन ने बुधवार को कार्य बहिष्कार जारी रखने की घोषणा की है। हालांकि मंगलवार को बार एसोसिएशन गढ़ ने एसडीएम से वार्ता करने के बाद हड़ताल वापस लेने की घोषणा की थी। लेकिन गढ़ बार एसोसिएशन ने कामकाज पर लौटने से इंकार कर दिया।
तहसीलदार सुरेंद्र सिंह पर अभद्रता और कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बार एसोसिएशन गढ़मुक्तेश्वर और गढ़ बार एसोसिएशन ने 21 जनवरी को कामकाज बंद करते हुए एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट का बहिष्कार कर दिया था। लेकिन मंगलवार को बार एसोसिएशन गढ़मुक्तेश्वर अध्यक्ष कृष्णलाल चौहान समेत अन्य अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम से वार्ता करने के बाद दोनों न्यायालयों का बहिष्कार समाप्त करने की घोषणा कर दी। लेकिन अधिवक्ताओं का दूसरा गुट इस निर्णय से सहमत नहीं हुआ। बुधवार को अध्यक्ष कुंवरपाल सिंह की अध्यक्षता में गढ़ बार एसोसिएशन गढ़मुक्तेश्वर की बैठक तहसील प्रांगण में हुई। जिसमें कुंवरपाल सिंह ने कहा कि जब तक तहसीलदार का तबादला नहीं हो जाता, तब तक उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गढ़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता किसी भी दबाव में नहीं आएंगे। इस मौके पर सचिव संजीव चौहान, नरेश कुमार, ठाकुर रोहताश सिंह, सुरेंद्र, नवनीत कुमार, राज जयंत, दीपक कुमार, मिलिन कुमार, संजीव समंत राज, विनय, राजवीर, नैनपाल, नैपाल, साजिया, शहनाज, शाहनवाज, आनंद भाटी, पीयूष गोयल, सुहैल आलम, जुनैद अहमद, जहीर अहमद, रामरतन, प्रवेश चौहान, लक्ष्मी नारायण, सतीश चौहान, बिजेंद्र समेत दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।