चुनावी शंखनाद में शहनाई के मंगल स्वर दबने की आशंका है। जिले में 11 फरवरी को मतदान है। उससे एक दिन पहले 10 फरवरी को सीमाएं सील हो जाएंगी। ऐसे में बारात समय से पहुंचने में मुश्किल होगी।
बारातियों को झूमने, नाचने का ज्यादा मौका भी नहीं मिलेगा। चुनाव आयोग ने हापुड़ समेत आस पास के जिलों में प्रथम चरण में चुनाव कराने की घोषणा कर सेहरा सजाने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पहले चरण में 11 फरवरी को जिले की तीनों विधान सभा सीट हापुड़, धौलाना और गढ़मुक्तेश्वर के लिए मतदान होगा। इन दिनों शादी का सीजन है। शादी के सीजन को देखते हुए बैंक्वट हॉल, होटल, धर्मशाला बुक हैं।
बड़े अधिकारियों के लिए होटलों के कमरे भी पुलिस को आरक्षित कराने पड़ रहे हैं। शादी की तारीख तय करते समय किसी ने चुनाव की तारीख के बारे में नहीं सोचा था। वाहनों का अधिग्रहण होने से उस दिन बारात फीकी होने के आसार बढ़ जाएंगे।
शादियों का जोश और जश्न सब शार्ट में निपाटाना होगा। रात में सात फेरे लेने में भले ही दिक्कत न हो लेकिन सुबह सीमाएं सील होने के कारण डोली निकलना मुश्किल होगा। बड़े लोगों के यहां की भी शादियों में लाल और नीली बत्तियां 11 फरवरी तक नहीं दिखाई देंगी।
बड़े अधिकारियों को तो कहीं भी जाने की मनाही होगी। साथ ही नेताजी भी चुनाव की पूर्व संध्या या मतदान वाले दिन इतने व्यस्त रहेंगे कि बहुत करीबी के यहां शादी में भी उनका पहुंचना मुश्किल होगा।