विधान सभा चुनाव में पहली बार चुनाव आयोग ने ईवीएम मशीन में ब्रेल लिपि का विकल्प रखा है। जिसके तहत नेत्रहीन मतदाता को अपने मनपंसद प्रत्याशी को वोट देना आसान होगा। वह बटन को टटोल कर अपने मन मुताबिक प्रत्याशी को मतदान कर सकेंगे। बूथ तक नेत्रहीन व दिव्यांग आसानी से पहुंच सके इसके लिए प्रत्येक बूथों पर व्हील चेयर की भी व्यवस्था की गई है।
विधान सभा चुनाव में पहली बार निशक्त मतदाताओं को वरिष्ठ नागरिकों की तर्ज पर सूची में शामिल किया गया है। इससे निशक्त मतदाता बिना किसी रुकावट के मतदान कर सकेगा। अधिकतर निशक्त मतदाता असुविधा होने के कारण अपना वोट ही नहीं डालने जाता था। इसके देखते हुए विधान सभा चुनावों में निशक्तों के लिए पहली बार सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
निशक्त मतदाताओं को केंद्र पर व्हीलचेयर मुहैया कराई जाएंगी। जिले भर में लगभग 5000 हजार निशक्त मतदाता चिन्हित किए गए हैं। इनकी संख्या के हिसाब से मतदान केंद्र पर व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही मतदान केंद्र पर रोप वे भी बनाए गए हैं।
इस बार निशक्त मतदाताओं को बूथ के बाहर लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। वह सीधे अपना मतदान करने के लिए बूथ के अंदर जा सकेगा। वहीं नेत्रहीन मतदाताओं को ब्रेल लिपि के माध्यम से वोट दिए जाने की सुविधा दी गई है।
साथ ही नेत्रहीन मतदाता के लिए ईवीएम मशीन के दाहिने हाथ पर ब्रेल लिपि के बटन की सुविधा दी गई है। जिसके लिए प्रत्याशी या उनके एजेंट मतदाता को अपने से संबधित बटन का स्थान बताकर वोट डलवाएंगे। साथ ही लेखपाल भी निशक्त मतदाताओं के लिए विशेष रूप से तैयार रहेंगे।
डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि ईवीएम में नेत्रहीन के लिए ब्रेल लिपि की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि निशक्त मतदाताओं को मतदान स्थल तक लाकर शत प्रतिशत मतदान कराना ही प्राथमिकता है।