तहसील और अन्य सरकारी कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार से परेशान भाकियू कार्यकर्ताओं का गुस्सा बृहस्पतिवार को फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने कचहरी परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए सर्वसम्मति से भ्रष्टाचारियों की नाक काटने का ऐलान किया।
वहीं भ्रष्टाचार, लूटपाट, बिजली निगम के शोषण के विरोध में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर राहत की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय सचिव सत्यवीर सिंह ने कहा कि बैनामे कराने पहुंचने वाले किसानों से तहसील में 5 से 10 फीसदी कमीशन की मांग की जाती है,
यहां तक की तारीख लगाने के नाम पर भी 100 रुपये तक वसूली की जाती है। जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि तहसील में जितने प्रमाण पत्र बनते है, सभी पर सुविधा शुल्क वसूला जाता है। दाखिल खारिज भी बिना सुविधा शुल्क दिए नहीं होता।
इसका भाकियू कई बार विरोध कर चुकी है, फिर भी अफसर गंभीर नहीं हैं। जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह ने कहा कि देहात क्षेत्र में एक भी ट्रांसफार्मर बिना सुविधा शुल्क लिए नहीं लगाया जाता है।
वहीं जिले में नकली खाद, बीज की बिक्री जोरों पर चल रही है। इस दौरान पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से भ्रष्टाचारियों की नाक काटने का ऐलान किया। प्रदर्शन करने वालों में नितिन बाना,
कमल सिंह, टेनपाल सिंह, जतिन चौधरी, चंद्र शेखर, भीमपाल सिंह, विरेंद्र सिंह, सुरेंद्र चौहान, गंगाशरण, सुरेंद्र सिंह, कमल सिंह, सुदेशपाल, मुनेशपाल, रणवीर आदि मौजूद रहे।