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Hapur News: किसानों के उत्पीड़न पर भड़के भाकियू कार्यकर्ता

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गढ़ तहसील मुख्यालय के गेट पर तालाबंदी करते भाकियू कार्यकर्ता। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। सरकारी कार्यालयों में किसानों के उत्पीड़न, पालिका क्षेत्र में नालों की सफाई और डीएपी-यूरिया किल्लत समेत अन्य समस्याओं को लेकर भड़के भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने तहसील मुख्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। उनका कहना है कि समस्याओं का सही ढंग से समाधान होने पर ही आंदोलन समाप्त होगा।

संगठन के मंडल अध्यक्ष दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय पर एकत्र हुए। जहां पर उन्होंने मुख्य दरवाजे के सामने ही दरी बिछाकर धरना शुरू किया। इस दौरान दिनेश खेड़ा ने कहा कि अभी भी जनपद की दोनों ही चीनी मिल किसानों को उनके गन्ने का भुगतान नहीं दे रही हैं। इसके अलावा जनपद के आलू किसानों के साथ उत्कल कंपनी ने धोखाधड़ी की है।
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इस कारण क्षेत्र के किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं लेकिन शासन और प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। प्रधान हरेंद्र सिंह ने कहा कि तहसील परिसर में आरके कार्यालय में दाखिल-खारिज, विरासत, जन्म-मृत्यु , आय-जाति आदि प्रमाण पत्र बनाने में अवैध वसूली की जा रही है जो सरासर गलत है। कुंवर खुशनूद ने कहा कि नगरपालिका क्षेत्र में नालों की सफाई में लापरवाही बरती जा रही है।
सफाई कर्मचारी नालों से निकल रही सिल्ट को वहीं पर छोड़कर चले जाते हैं जो कुछ ही समय में वापस नालों में समा जाती है। बरसात के दिनों में गंदगी से अटे नाले सभी के लिए परेशानी का कारण बनेंगे। मुनव्वर अली ने कहा कि तहसील क्षेत्र के रजवाहों में पानी सही ढंग से नहीं आ रहा। इसके अलावा ऊर्जा निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपभोक्ताओं का शोषण कर रहे हैं। इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए। कैप्टन राजेश चौधरी ने कहा कि बैंक ब्याज तीन प्रतिशत के स्थान पर सात प्रतिशत वसूला जा रहा है।
कहा कि गांव दौताई-पोपाई में डीएम के आदेश के बावजूद भी किसान का खाता तक्सीम नहीं किया जा रहा। क्षेत्र में अभी भी यूरिया-डीएपी की किल्लत जारी है। किसानों को खाद लेने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। धरने के दौरान अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान किसानों ने प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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वहीं, किसी भी अधिकारी के धरनारत किसानों से वार्ता करने ना पहुंचने पर गुस्साए कार्यकर्ताओं ने तहसील के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर आवागमन बंद कर दिया। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नीलम देवी ने कहा कि उनका आंदोलन सभी समस्याओं का समाधान होने पर ही स्थगित किया जाएगा। इस दौरान ज्योति शर्मा, जगरोशनी देवी, मंजू देवी, नीरज तोमर, रिंकू तोमर, अंशू सिद्धू, गजेंद्र सिह, नितिन शर्मा, आमिर खां, कृपाराम राणा आदि मौजूद रहे।
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