हापुड़। लंबी खींचतान के बाद भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अगले तीन दिनों के अंदर मंडल अध्यक्षों की घोषणा कर देगा। इसके तुरंत बाद जिलाध्यक्ष के लिए नामांकन भी होंगे। प्रदेश के सभी जिलों के साथ हापुड़ के जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा होगी। वहीं, अनुसूचित जाति और उसमें भी महिला के जिलाध्यक्ष बनने चर्चा के बाद कई ने दावेदारी पेश करते हुए दिल्ली-लखनऊ के लिए भागदौड़ तेज कर दी है।
जिले में भाजपा के 12 मंडल अध्यक्ष हैं, इसमें से आठ मंडल अध्यक्षों की घोषणा हो सकती है। हालांकि, पार्टी का एक धड़ा शीर्ष नेतृत्व से सभी मंडल अध्यक्षों की घोषणा की मांग कर रहा है, लेकिन पार्टी संविधान के अनुसार जिलाध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए कम से कम 51 प्रतिशत मंडल अध्यक्षों का चयन जरूरी है। इसलिए अभी जिलाध्यक्ष के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए आठ मंडल अध्यक्षों की घोषणा की जा सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बढ़ती गुटबाजी और शिकायतों को खत्म करने के लिए नए फार्मूले पर काम चल रहा है। जिले में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या अच्छी है। ऐसे में इन्हें लुभाने के लिए भी अनुसूचित जाति से जिलाध्यक्ष बनाया जा सकता है।
110 से अधिक हुए थे नामांकन
मंडलों के लिए जिले में 110 से अधिक नामांकन हुए थे। 12 में से छह मंडलों में करीब एक वर्ष पहले ही नए अध्यक्ष बनाए गए थे। ऐसे में कौन बदलेगा और कौन नहीं, इसको लेकर मामला अटक गया है। जनप्रतिनिधियों के अलावा, पूर्व पदाधिकारी व पूर्व जनप्रतिनिधि और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी नाम लेकर समन्वय बनाकर घोषणा करने को लेकर चर्चा है।
कोट -
दो से तीन दिन के अंदर मंडल अध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद जिलाध्यक्षों के लिए नामांकन प्रक्रिया होगी। प्रदेश नेतृत्व के पास नामांकनों को भेजा जाएगा। वहीं से ही सूची जारी होगी।
- दिनेश शर्मा, जिला चुनाव अधिकारी व प्रदेश उपाध्यक्ष