गढ़मुक्तेश्वर। किसानों की समस्याओं का निस्तारण न होने पर भारतीय किसान यूनियन संघर्ष के कार्यकर्ताओं ने तहसील पर तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने किसानों की मांग पूरी न होने तक धरना जारी करने की घोषणा की। हालांकि शाम को एसडीएम के आश्वासन के बाद धरना खत्म हो गया।
सोमवार को तहसील परिसर में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरनजीत सिंह गुर्जर ने कहा कि आज किसान अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। गन्ने का भुगतान नहीं हो सका है, जर्जर बिजली की लाइनों के कारण किसानों की फसल जल रही हैं। गांव रझैटी में लेखपाल आय जाति के प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली कर रहे है। गांवों की सड़कें जर्जर हो गई है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का निस्तारण न होने तक धरना जारी रहेगा। किसानों ने अधिकारियों को महापंचायत स्थल पर वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा, तो किसान आक्रोशित हो उठे। जिसके बाद उन्होंने तहसील के गेट पर तालाबंदी करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
जिसके बाद एसडीएम साक्षी शर्मा ने पहुंचकर ज्ञापन लिया। ज्ञापन में उल्लेख किया की गढ़-मेरठ हाईवे 709 के चौड़ीकरण में किसानों की जमीन दो साल पहले ली गई, लेकिन बहुत से किसानों को आज तक भुगतान नहीं हुआ। खादर क्षेत्र में सरकार द्वारा किसानों को पट्टे आवंटित किए गए थे। लेकिन उन पर माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। कई बार अधिकारियों से आग्रह करने के बाद भी पट्टेधारकों को उनकी जमीन नहीं मिली। जनपद के कई गांवों में लगातार तेंदुआ दिखाई दे रहा है, जो किसानों पर हमला करने के साथ ही जंगली जीवों का शिकार कर चुका है। लेकिन वन विभाग द्वारा उसे पकडऩे के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। जनपद में लगातार खनन माफिया सक्रिय हैं, लगातार शिकायतों के बाद भी खनन नहीं रुक रहा है, उसे तत्काल रुकवा जाए। निराश्रित पशुओं द्वारा किसानों की फसलों का नुकसान किया जाता है लेकिन उन्हें पकड़ा नहीं जाता। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रधान, नितेश शर्मा, कृष्णवीर गब्बर, इरकान चौधरी, असीम खत्री, अमित समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।