बैंकों में कैश की किल्लत की समस्या से निजात और ग्राहकों की सिमटती कतार से स्थिति में कुछ सुधार महसूस की जा रही है। लेकिन, अभी भी एटीएम पूरी तरह न खुलने के कारण हालात कष्टदायक बने हुए हैं।
शहर में लगे 30 एटीएम में से सिर्फ तीन में ही कैश मिल रहा है। नोटबंदी के बाद से बैंकों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतार चली आ रही थी। बैंकों में कैश किल्लत की समस्या भी ग्राहकों को खासा परेशान कर रही थी।
नोटबंदी के 50 दिन पूरे हुए भी कई दिन हो चुके हैं, लेकिन एटीएम सुविधा अभी भी बदहाल है। अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। वहीं, एलडीएम एपी चतुर्वेदी ने बताया कि जल्द ही जिलेभर के एटीएम चालू हो जाएंगे।
गढ़ रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम नोटबंदी के बाद से ही बंद है। यह बैंक ग्राहकों को अच्छी सुविधा देने का दम भरता है, लेकिन जबरदस्त कैश किल्लत के दौरान ग्राहकों को इस एटीएम से मायूस लौटना पड़ा। 56वें दिन भी बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम पर नो कैश का नोटिस चस्पा रहा।
गढ़ रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक का एटीएम भी नोटबंदी के बाद से शोपीस बना हुआ है। 56वें दिन भी इस एटीएम का शटर नहीं उठा है। ग्राहकों ने बैंक अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते इस एटीएम पर जाना ही छोड़ दिया है।
गढ़ रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम ने काफी हद तक ग्राहकों को राहत दिलाई है। नोटबंदी के दौरान इसी एटीएम से ग्राहकों को पैसा मिलता था। सोमवार को भी ग्राहकों की लंबी कतार कैश के लिए एटीएम पर लगी रही।
तहसील चौराहा स्थित एचडीएफसी बैंक अपनी सेवाओं को निर्वाह कर रहा है। नोटबंदी के 49 दिन तक यह एटीएम भी शोपीस बना रहा। पिछले एक सप्ताह से ग्राहकों को इस एटीएम से कैश मिल रहा है।