बहादुरगढ़ गांव में एक मकान की छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गई बच्ची पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। गंभीर रूप में घायल बच्ची को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बंदरों के आतंक से परेशान लोगों ने डीएम और डीएफओ को पत्र लिख अभियान चलाकर पकड़ने की मांग की है। बहादुरगढ़ गांव में नरेश की बेटी नीतू (9) बृहस्पतिवार की दोपहर मकान की छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गई थी।
इसी दौरान पड़ोसी की छत पर बैठे चार-पांच बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। इससे वह लहूलुहान होकर चीखने चिल्लाने लगी। शोर सुनकर परिजन लाठी लेकर छत पर पहुंचे और बंदरों का झुंड को भगाया।
घायल नीतू को परिजन आनन फानन में गढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे छुट्टी देकर घर वापस भेज दिया है। बंदरों के आतंक से परेशान शिवदत्त जाटव, सुखबीर प्रेमी, यूसुफ खां ने बंदरों की रोकथाम के लिए धरपकड़ अभियान चलवाने की मांग कर डीएम और डीएफओ को पत्र भेजे हैं।
एसडीएम शमशाद हुसैन का कहना है कि बंदरों के आतंक की रोकथाम के लिए बहुत जल्द वन विभाग, पालिका प्रशासन और विकास खंड अफसरों के साथ वार्ता कर धरपकड़ अभियान चलाने की ठोस रणनीति तैयार कर अमल कराया जाएगा।