चुनावी वर्ष के चलते सरकार द्वारा शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क में 25 गुना वृद्धि की गयी है। यह वृद्धि जिले के 4166 शस्त्र लाइसेंस धारकों को हजम नहीं हो रही है। लाइसेंस धारकों ने इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए कम करने की मांग की है।
सरकार ने हाल ही में शस्त्र लाइसेंस नवीनकरण शुल्क 25 गुना तक बढ़ा दिया है। एक साथ इतनी बड़ी वृद्धि से शस्त्र लाइसेंस धारकों में रोष व्याप्त है। दरअसल शस्त्र लाइसेंस का हर तीन वर्ष में नवीनीकरण किया जाता है।
इसके लिए शस्त्र लाइसेंस धारक को दूसरी औपचारिकताओं के साथ निर्धारित शुल्क जमा करना पड़ता है। अभी तक शस्त्र लाइसेंस के लिए तीन वर्ष के लिए 60 रुपये प्रशासन द्वारा जमा कराये जाते थे।
लेकिन अब इस फीस को बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है। शस्त्र धारक सुभाष शर्मा, खेमचंद, रफीक अहमद, देवेंद्र सिंह का कहना है कि एक बार में 25 गुना तक वृद्धि का कोई औचित्य नहीं है।
अगर वृद्धि करनी थी तो शुल्क कुछ प्रतिशत ही बढ़ाया जाना था। इस संबंध में शासन को पत्र लिखकर इस शुल्क को कम करने की मांग की जाएगी। ताकि शस्त्र धारक अपनी सुरक्षा के लिए शस्त्र रख सके।
इस संबंध में एडीएम रजनीश राय का कहना है कि शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क वृद्धि के हिसाब से ही शुल्क वसूला जाएगा। इसमें स्थानीय स्तर पर कुछ किया जाना संभव नहीं है।