हापुड़। पिछले 14 साल से कोर्ट में मामला अटकने के कारण आनंद विहार के ब्लॉक बी और ई में विकास कार्यों रूके हुए थे। लेकिन अब उच्च न्यायालय में मुकदमा जीतने के बाद प्राधिकरण ने 6.70 करोड़ के विकास कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया है। वहीं, ब्लॉक जी में भी 4.77 करोड़ से विकास कार्यों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद इस क्षेत्र के करीब एक हजार आवंटियों को राहत मिली है।
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने आनंद विहार के ब्लॉक बी और ई में किसानों की भूमि का अधिग्रहण कर प्लॉट आवंटित किए थे। लेकिन एक किसान इसके विरोध में कोर्ट चला गया था। पिछले 14 साल से इस मामले की कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, जिसके कारण इस क्षेत्र में विकास कार्य रूके हुए थे। इस क्षेत्र में आवंटियों द्वारा प्लॉट लेने के बावजूद न सड़कें थी और न ही बिजली आदि की व्यवस्था। लेकिन हाल ही में उच्च न्यायालय ने इस मामले में प्राधिकरण के हक में फैसला सुनाया। जिसके बाद अब प्राधिकरण ने विकास का पूरा खाका तैयार किया है। इसके अलावा ब्लॉक जी में भी पिछले सालों से कब्जे होने के कारण विकास कार्य नहीं हो पा रहे थे। पिछले दिनों प्राधिकरण ने यह भूमि कब्जामुक्त कराई थी। इस ब्लॉक में 750 आवंटियों को राहत मिलेगी।
बनाई जाएंगी सडक़ें नालियां, लगेंगी स्ट्रीट लाइटें -
आनंद विहार और प्रीत विहार के अधिकतर ब्लॉक में विकास कार्य हो रहे हैं। अब प्राधिकरण ने ब्लॉक बी, ई और जी में करीब 12 करोड़ के कार्य करने का टेंडर जारी किया है। इससे यहां सड़कें नालियां, सीवरेज सिस्टम, विद्युत लाइन, स्ट्रीट लाइटें लगेंगी। इसके अलावा अन्य मुख्य कार्य भी कराए जाएंगे।
कोट -
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डा. नितिन गौड़ ने बताया कि यह प्राधिकरण के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस क्षेत्र में कार्य शुरू कराए जाए रहे हैं। जल्द ही इन तीनों ब्लॉकों का स्वरूप बदल जाएगा।