हापुड़। पिलखुवा नगर पालिका के अध्यक्ष विभु बंसल और गाजियाबाद निवासी एक जनप्रतिनिधि सहित कई लोगों पर सरकारी भूमि कब्जाने के आरोप लगे हैं। साथ ही भू-माफिया से साठगांठ कर जमीन के फर्जी बैनामे कराने की भी शिकायत हुई है। मामले में पिलखुवा निवासी अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री को पूरे प्रकरण की एक फाइल बनाकर भेजी है। दस्तावेज में धौलाना तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों पर भी साठगांठ के आरोप लगाए गए हैं।
मोहल्ला पुरा निवासी अधिवक्ता विकास चौहान ने बताया कि पालिकाध्यक्ष विभु बंसल, उनके पार्टनर सौरभ कंसल, गाजियाबाद निवासी एमएलसी व इनके भाई नीरज गोयल और दीपक यादव आदि ने ग्राम मदापुर मुस्ताफाबाद में रिलायंस रोड पर मिलकर सरकारी चकमार्ग, सिंचाई के लिए नाली आदि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। जबकि, यह भूमि ऊर्जा निगम में दर्ज है। यहां तक कि बिना नक्शा पास कराए कई बीघा जमीन में अवैध औद्योगिक प्लॉट काटे जा रहे हैं। अधिवक्ता ने बताया कि मामले में छह जून 2024 को एक शिकायती पत्र दिया था, लेकिन उस समय के तहसील के अधिकारियों ने भूमाफिया से साठगांठ कर गलत आख्या दी। इस पर असंतुष्टि जताते हुए पुन: 19 जुलाई को जांच दी गई। जिसमें तहसीलदार व नायब तहसीलदार जांच करने पहुंचे। शिकायत सही मिलने के साथ ही ऊर्जा निगम में दर्ज खसरा नंबर 529 पर भी अवैध कब्जा मिला। इस जमीन को गलत तरीके से वेयरहाउस में कब्जा कर गेट लगाकर बंद किया हुआ है। आरोप है कि सौरभ कंसल और दीपक यादव जनप्रतिनिधि के पार्टनर हैं। क्योंकि सौरभ कंसल ने एक आईजीआरएस पर शिकायत की थी, जिसमें उसने विभु बंसल को मदापुर गांव की 350 बीघा जमीन में अपना पार्टनर बताया है। इस जमीन में कोई फैक्टरी लगाने की बात कही गई है। जबकि, मौके पर ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। वहीं पिलखुवा नगर पालिका के अध्यक्ष विभु बंसल ने बताया कि भूमि से उनका कोई मतलब नहीं है। गाजियाबाद निवासी दिनेश गोयल की यह भूमि है। इस मामले में न्यायालय में भी वाद चल रहा है। कई बार शिकायत के बाद जांच में भी कुछ नहीं मिला है। वह स्वयं लखनऊ तक मामले की जानकारी देकर आए हैं। उनके पास कोई आएगा तो वह सही बात के लिए सिफारिश जरूर करेंगे।