हापुड़। दिवाली के बाद जिले में हवा का स्तर खतरनाक हो गया है। सोमवार छह बजे तक एक्यूआई 321 अंक तक पहुंच गया। इसके कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की परेशानी बढ़ गई है। बता दें इस सीजन का सबसे अधिक वायु प्रदूषण वाला दिन सोमवार रहा है।
दशहरे के बाद से दिवाली तक मात्र एक दिन ही वायु प्रदूषण (एक्यूआई) बहुत खराब श्रेणी में दर्ज हुआ। जबकि, अन्य दिनों में एक्यूआई खराब श्रेणी में बना रहा है। ऐसे में लोगों को पहले ही सांस लेने में तकलीफ हो रही है। विशेषकर, दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ी है। वहीं, धुंध और धूल अधिक उड़ने से पीएम 2.5 का स्तर बढ़ा है। वायु प्रदूषण सोमवार की सुबह से ज्यादा शाम को अधिक देखने को मिला। पटाखाें से निकलने वाले धुएं और वाहनों के अधिक संचालन से यह परेशानी बढ़ी है।
हवा न चलने से बढ़ी परेशानी
तेज या हल्की हवा न चलने के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। यदि हवा चलती है तो फिर वायु प्रदूषण तेजी से कम होगा। प्रदूषण बढ़ने के कारण सुबह और शाम के समय प्रदूषण वालों की संख्या पार्कों में कम हो गई है।
प्रतिबंध के बाद भी खुले में जल रहा कूड़ा
सड़कों पर कूड़ा जलने के मामले रुक नहीं रहे हैं। यहां तक कि नगर पालिका द्वारा पानी का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा है। इस कारण सड़कों पर धूल और धुआं उड़ रहा है। जो वायु प्रदूषण बढ़ने का बढ़ा कारण है।
जिले में वायु गुणवत्ता की स्थिति
समय
एक्यूआई
रात एक बजे
269
तीन बजे
269
सुबह पांच बजे
270
सात बजे
273
नौ बजे
275
11 बजे
279
दोपहर एक बजे
286
तीन बजे
301
पांच बजे
307
छह बजे 321
नोट : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट से साेमवार के यह आंकड़े लिए गए हैं। हर दो घंटे के अंतराल के आंकड़े शामिल हैं।
कोट -
प्रदूषण बढ़ना चिंताजनक है। लोगों से अपील है कि वह खुले में कूड़ा न जलाएं, आतिशबाजी ना करें। पुलिस-प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।
- संदीप कुमार, एडीएम