नान गांव के लोगों ने ग्राम पंचायत के चुनाव में शराब पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने शराब परोसने वाले प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को वोट नहीं देने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों ने पंचायत में एक सुर में कहा कि वे शराब पिलाने वाले प्रत्याशियों का एक सिरे से बहिष्कार करेंगे।
गांव नान में ठेकेदार जयभगवान के निवास पर ग्रामीणों की बैठक हुई। जिसमें में नानक चंद शर्मा ने प्रस्ताव रखा कि ग्राम पंचायत चुनाव में शराब के प्रचलन से युवाओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
प्रत्याशी चुनाव जीतने के लिए लोगों को शराब पीने का लालच देते हैं। लोगों ने प्रस्ताव का समर्थन किया और निर्णय लिया कि एक कमेटी गठित कर चुनाव में शराब पिलाने वालों का बहिष्कार किया जाए। वे लोग शराब परोसने वाले प्रत्याशी को चुनाव एक भी वोट नहीं देंगे।
बैठक में महेश शर्मा क्षेत्र पंचायत सदस्य, इंद्रजीत शर्मा, रमेश शर्मा, ओम प्रकाश कानूनगो, शिवकुमार, गजेंद्र शर्मा, गिरजेश शर्मा, प्रेम चंद शर्मा (आचार्य), रामभूल शर्मा, संतराम शर्मा, हरिओम शर्मा एडवोकेट, प्रमोद शर्मा, संजीव शर्मा, हेमंत मिश्रा, नरेंद्र शर्मा, मोनू शर्मा, राजू, सतीश, गोरव, भूदेव, योगेश, देवेंद्र, सुशील, लक्ष्मीकांत, रामसरन दिनेश, राधेश्याम शर्मा आदि मौजूद रहे।
भाकियू के जिला प्रभारी दिनेश खेड़ा ने कहा है कि ग्राम पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा शराब बांटने का प्रचलन समाज के लिये खतरनाक है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील है कि सभी एकजुट होकर गांव गांव में प्रयास करें कि जो प्रत्याशी शराब वितरित करे, उसका खुलासा कर विरोध किया जाए।