बारिश से नुकसान हुई फसलों की सही आंकलन रिपोर्ट तैयार न किए जाने से खफा भाकियू पदाधिकारियों ने मंगलवार को कृषि अफसरों का घेराव किया। उन्होंने मासिक पंचायत के बाद दोबारा से संतोषजनक आंकलन कराने की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि किसानों को जल्द राहत न मिली तो पदाधिकारी उग्र आंदोलन करेंगे।
कृषि अफसरों के घेराव के दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने बताया कि तूफानी बारिश से गेहूं, आलू, सरसों, आम, मटर की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कुछ गांवों में तो फसलों को 80 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है।
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह ने बताया कि कृषि अफसरों ने किसानों को फसल क्षति की हवाई आंकलन रिपोर्ट तैयार कर दी है। कृषि विभाग की रिपोर्ट में महत 20 फीसदी फसल क्षति दर्शायी गई है। ऐसे में किसानों को सरकार की आर्थिक मदद नहीं मिल सकेगी।
रामपाल सिंह ने बताया कि मटर की फसल में करीब 80 फीसदी तक नुकसान है, अन्य फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। कृषि अफसरों को करीब 60 फीसदी फसल क्षति की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजनी चाहिए। फसल क्षति का संतोषजनक आंकलन न होने पर वह उग्र आंदोलन को विवश हो जाएंगे।
इस दौरान पदाधिकारियों ने कृषि अफसरों का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि अफसरों के आश्वासन पर पदाधिकारी शांत हो गए। घेराव करने वालों में नितिन बाना, मनोज कुमार, भवेंद्र शिशौदिया, मुनश पाल, बब्बल, टेनपाल सिंह, कमल सिंह, चंद्रपाल सिंह, जतिन, हंसवीर सिंह, हरवीर सिंह, सुदेश पाल सिंह, उदयवीर मुखिया, भगतराम आदि मौजूद रहे।