शोभायात्रा के दौरान कथित अश्लील डांस को लेकर श्रीराम लीला समिति के आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में समिति और पुलिस प्रशासन के बीच समझौते को लेकर सहमति बन गई है।
पुलिस ने पांच अक्तूबर तक केस वापस लेने का आश्वासन दिया है। समिति ने भी फिलहाल मंचन जारी रखने की घोषणा की है। उधर, हिंदू संगठनों से चेताया है कि प्रशासन धार्मिक कार्यों में बाधा न बने।
गौरतलब है कि 27 सितंबर को शोभायात्रा में अश्लील डांस की वीडियो वायरल हुई थी, जिसके बाद कोठी गेट चौकी प्रभारी शिव कुमार ने श्रीराम लीला समिति के आठ पदाधिकारियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराया था।
इसके बाद रविवार को समिति पदाधिकारियों और कोतवाल यशवीर सिंह की बैठक हुई, जिसमें पांच अक्तूबर तक केस वापस लेने का आश्वासन दिया था। समिति ने भी फिलहाल मंचन जारी रखने की घोषणा की है।
हालांकि, समिति के पक्ष में कई हिंदू संगठन भी उतर आए हैं। अग्रवाल महासभा के प्रधान व व्यापारी नेता नरेश चंद अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन हिंदू समाज के धार्मिक कार्यों में रोड़ा न बने।
गोशाला के पूर्व मंत्री अशोक छारिया ने कहा कि पांच अक्तूबर तक केस वापस नहीं हुए तो हिंदू समाज सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। चंडी मंदिर समिति के प्रधान चेतन प्रकाश ने कहा कि प्रशासन धार्मिक कार्यों में बाधा न बने। कार्रवाई वापस न हुई तो इसके परिणाम प्रशासन को भुगतने पड़ेंगे।