एडीएम रजनीश राय ने शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में खड़ी अधिकारियों की प्राइवेट कारों ने नीली बत्ती हटवाई। उन्होंने अधिकारियों को नियमानुसार ही नीली बत्ती का प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं।
आचार संहिता के अनुपालन को लेकर प्रशासन सख्त है। नेताओं पर शिकंजा कसने के साथ ही प्रशासन ने शनिवार को नियम तोड़ने वाले अपने अधिकारियों पर भी सख्ती बरती। एडीएम ने कलक्ट्रेट में पांच अधिकारियों की निजी कारों से नीली बत्ती उतरवा दी।
इस दौरान संबंधित अधिकारी अपने अपने कार्यालयों में मौजूद थे। जिस समय कारों से नीली बत्ती उतारी गई, अधिकतर कारों के ड्राइवर भी मौजूद नहीं थे। इन कारों में एक एसडीएम, दो तहसीलदार व दो अन्य अधिकारियों की कारें हैं।
एडीएम रजनीश राय ने बताया कि केवल राजस्व परिषद अध्यक्ष, औद्योगिक विकास आयुक्त, कृषि उत्पादन आयुक्त, समस्त प्रमुख सचिव/सचिव, समस्त पुलिस महानिदेशक/ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महा निरीक्षक, परिक्षेत्रिय पुलिस उप महानिरीक्षक,
जनपद न्यायाधीश एवं उनके समकक्ष उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारीगण, जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (जो जिले के प्रभारी हों), मुख्य चिकित्साधिकारी आदि को ही नीली बत्ती लगाने का अधिकार है।
इसके अलावा उच्च पदस्थ व्यक्ति यदि कार में नहीं है तो भी वाहन पर नीली बत्ती लगाना अमान्य है। अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें।