हापुड़। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित जिले के सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त (छात्र संख्या के मानक से अधिक) वाले शिक्षकों को जरूरत वाले स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। न्यायालय के आदेश पर जिले में दोबारा से यह प्रक्रिया शुरू की गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों से सूची मांगी गई है।
दरअसल, पिछले दिनों इस प्रक्रिया में करीब 34 शिक्षकों का समायोजन हुआ था। सिर्फ तीन या चार शिक्षकों ने ही इस प्रक्रिया के तहत नए स्कूल में नियुक्ति पायी। जबकि अधिकांश न्यायालय चले गए। ऐसे में अधिकांश शिक्षक अभी भी पुराने स्कूलों में ही शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
अब उच्च न्यायालय की ओर से पारित आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर कार्यरत शिक्षकों का वास्तविक विवरण मांगा है। बीएसए के निर्देशानुसार, जिन स्कूलों में आरटीई मानक से अधिक (सरप्लस) शिक्षक हैं। उनकी सूची तैयार की जाएगी। इस डेटा को जनपदस्तरीय समिति की ओर से सत्यापित कर विभाग की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि महिला अध्यापिकाओं के पुनर्गठन में गाइडलाइन का विशेष ध्यान रखा जाए।
22 मई को न्यायालय में होने वाली सुनवाई से पहले यह प्रक्रिया पूरी की जानी अनिवार्य है।
समायोजन ले चुके शिक्षकों की वापसी की संभावना : न्यायालय के आदेश पर शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है।
पूर्व में हो चुकी इस प्रक्रिया को निरस्त माना जाएगा, या वहीं प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी, इसे लेकर अधिकारी उच्चाधिकारियों का मार्गदर्शन ले रहे हैं। हालांकि संभावना है कि जो शिक्षक इस प्रक्रिया में पूर्व में समायोजन ले चुके हैं, उन्हें वापस मूल विद्यालय में लौटना होगा।