हापुड़। योगासन, योग साधना, प्राणायाम व ध्यान आदि योग की क्रिया करने से शरीर स्वस्थ रहता है और कहीं न कहीं मानसिक तनाव कम होता है। लोगों का कहना रहा कि निरोगी काया के लिए योग बहुत जरूरी है। इसके सार्थक परिणाम भी सामने निकल कर आए। विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में जिले के कुछ लोगों ने योग से जुड़े अनुभव साझा किए। उनका मानना है कि नियमित योग किया जाए तो लंबे समय से रोग मुक्त स्वस्थ जीवन का आनंद लिया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को जगह-जगह उत्साह देखने को मिलेगा।
योग से मिली बीमारी में राहत
गांव लुहारी निवासी शिक्षाविद्, कवि राजकुमार हिंदुस्तानी ने बताया कि करीब दो साल पहले ऑस्टियोआर्थराइटिस होने पर चिकित्सकों ने उन्हें घुटने का प्रत्यारोपण कराने की सलाह दी थी। लेकिन, उन्होंने दवाओं के साथ ही योगाभ्यास किया। वर्तमान में वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और प्रतिदिन 10 किलोमीटर वॉक करते हैं। चिकित्सकों के परामर्श पर दवाओं का सेवन करते हुए उन्होंने अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, कपालभाति, प्राणायाम का प्रतिदिन अभ्यास किया। जिससे उन्हें बीमारियों से उबरने में काफी मदद मिली।
योग से रोग मुक्त हुआ शरीर
शहर के मोहल्ला शिवपुरी निवासी आशा सोमानी ने बताया कि करीब 23 वर्ष पूर्व उन्हें बीपी, डिप्रेशन, माईग्रेन जैसी बीमारी थी। वर्ष 2003 से उन्होंने योग करना शुरू किया तो शरीर रोग मुक्त हो गया। इसके बाद उन्होंने शहर के फ्रीगंज रोड स्थित रेलवे पार्क में महिलाओं को योग कराना शुरू कर दिया। प्रतिदिन सुबह के समय महिलाओं को विभिन्न योगाभ्यास कराकर योग के लाभ बता रही हैं।
शरीर की सकारात्मक ऊर्जा के लिए जरूरी है योग
गांव सिमरौली निवासी कुमकुम ने शरीर को स्वस्थ और फुर्तीला बनाने के लिए योग करना शुरू किया था। उन्होंने बताया कि लगातार आठ वर्षों से योग कर रही हैं। पिछले पांच वर्षों से महिलाओं को योग कराकर उन्हें लाभों से अवगत करा रही हैं। योग को उन्होंने आय का स्रोत भी बनाया। इसके बाद वह आत्मनिर्भर बनकर परिवार का सहारा भी बन रही हैं। उनका मानना है कि योग शरीर को सकारात्मक ऊर्जा देता है।
योग से मिली राहत तो इसी में बनाया कॅरिअर
हापुड़ के मोहल्ला श्रीनगर निवासी सुषमा ने बताया कि उन्होंने योगा साइंस से एमएससी की और लोगाें को ऑनलाइन और ऑफलाइन योग सिखा रही हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई करते समय उन्हें दिक्कत थी कि उन्हें एक साथ अधिक समय तक बैठे रहने में और एकाग्रता में दिक्कत होती थी। किसी की सलाह पर उन्होंने योग करना शुरू किया और फिर फायदा मिला तो इसी में अपना कॅरिअर चुन लिया।
योग ने बदली जिंदगी, अब दिनभर रहती है ताजगी
गढ़मुक्तेश्वर निवासी सूर्य प्रभा ने बताया कि उन्होंने कुछ वर्ष पहले नियमित रूप से योग करना शुरू किया था। शुरुआत में वह सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं और थकान से परेशान रहती थीं, लेकिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।