जल्द ही परिषदीय स्कूलों में बच्चों की आईक्यू के मुताबिक पाठ्यक्रम लागू होगा। शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रदेश सरकार ने स्टेट लेवल अचीवमेंट सर्वे शुरू करा दिया है। हापुड़ के करीब 6800 बच्चों का टेस्ट लिया गया है।
टेस्ट कॉपियां मूल्यांकन के लिए एससीईआरटी को जाएंगी। रिजल्ट के मुताबिक पाठ्यक्रम तय होगा परिषदीय स्कूल हो, मान्यता प्राप्त विद्यालय या फिर मदरसे, बच्चों का शैक्षिक स्तर लगातार गिरता चला जा रहा है।
तमाम प्रयासों के बावजूद इन विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधर नहीं रहा है। आलम यह है कि बच्चे आसान से आसान पाठ्यक्रम भी नहीं पढ़ नहीं पा रहे हैं, क्योंकि मौजूदा पाठ्यक्रम में उनकी रुचि नहीं है।
इस समस्या से उबरने के लिए सरकार ने स्टेट लेवल एचीवमेंट सर्वे शुरू कराया है।
इस सर्वे का जिम्मा शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एससीईआरटी को दिया गया था। परिषद ने यह काम जिला स्तर पर सभी डायट को सौंपा है। सर्वे में जिले के 4 ब्लॉक से करीब 6800 बच्चों का टेस्ट लिया गया है।
बता दें कि टेस्ट प्रक्रिया को पूर्ण कराने के लिए डायट के प्रशिक्षु शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए टेस्ट की कॉपियां मूल्यांकन के लिए एससीईआरटी को भेज दी गई हैं। अब वहां से जो परिणाम निकलेगा उसके मुताबिक सरकार कक्षा एक से आठ तक का पाठ्यक्रम निर्धारित करेगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि स्टेट लेवल अचीवमेंट सर्वे कराया गया है। सरकार की यह बड़ी योजना है, इससे बच्चों का भी शैक्षिक स्तर पता चलेगा। इसी के आधार पर पाठ्यक्रम का निर्धारण किया जाएगा।