हाफिजपुर(हापुड़)। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक प्रदीप मिश्रा की श्री शिवमहापुराण कथा में रविवार को इस कदर भीड़ उमड़ी कि सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। कथा स्थल समय से पहले ही फुल हो गया। ऐसे में पंडाल में प्रवेश करने के लिए श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों में जमकर नोकझोंक हुई। कथा समाप्त होने तक श्रद्धालु अंंदर घुसने के लिए माथा पच्ची करते नजर आए।
हाईवे 09 स्थित जेएमएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में श्री शिवमहापुराण के दूसरे दिन रविवार होने के कारण जबरदस्त भीड़ पहुंची। दोपहर एक बजे से पहले ही न सिर्फ पूरा पंडाल बल्कि आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से भर गया। ऐसे में इसके बाद पहुंचने वाले श्रद्धालु अंदर पहुंचने के लिए काफी परेशान होते दिखाई दिए। भीड़ अधिक होने के कारण महिलाओं ने वीआईपी गेटों की ओर रुख कर दिया। इस कारण यहां काफी अफरातफरी का माहौल रहा और लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। कुछ लोग वीआईपी गेट से होते हुए मंच के पीछे से तक पहुंच गए और यहां अंदर प्रदेश करने के लिए काफी धक्कामुक्की हुई। बार बार पुलिस और यहां तैनात निजी गार्ड उन्हें रोकते रहे। इस स्थिति के कारण बार बार लोगों और पुलिस में जमकर नोकझोंक होती रही।
सुबह से ही आने शुरू हो गए श्रद्धालु-
रविवार का दिन होने के कारण श्रद्धालुओं का सुबह से ही आना शुरू हो गया था। हापुड़ के अलावा आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही आने शुरू हो गए। भीड़ का आलम यह रहा कि दोपहर 12 बजे तक ही पूरा पंडाल ही फुल हो गया। ऐसे में इसके बाद पहुंचने वाले लोगों को बाहर धूप में ही स्थान ढूंढना पड़ा। श्रद्धालु पंडाल के बाहर धूप में छतरी लगाकर बैठे रहे और गर्मी के बावजूद कथा का आनंद लेते रहे।
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हाईवे और शहर की सड़कों पर लगा भीषण जाम
रविवार को दूसरे दिन कथा स्थल की पार्किंग फुल हो गई। श्रद्धालु सड़क किनारे और आसपास सड़कों पर अपने वाहन खड़े करने पड़े। जबकि कथा के बाद एक साथ वाहन निकलने के कारण हाईवे-09 के अलावा आसपास के रास्तों पर जाम लग गया। शहर के चौराहे भी काफी व्यस्त रहे। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि रविवार को शहर में बाजार बंद होने के कारण जाम की स्थिति नहीं रही।
रविवार को भीषण गर्मी में झेलनी पड़ी परेशानी
कथा के दौरान भीषण गर्मी में भी छोटे- छोटे मासूम बच्चों, दिव्यांग एवं बुजुर्गों को परिजनों कथा में लेकर पहुंच रहे थे। पंडाल में गर्मी के कारण महिलाएं पंखा झलती नजर आईं। इस दौरान कुछ महिलाएं बीच में खड़ी होकर अन्य भीड़ पर भी पंखा झेलती रहीं। लेकिन महिलाओं की आस्था इस गर्मी पर भी भारी पड़ी।
महिला की चेन झपटी
कथा स्थल पर महिला की चेन भी झपट ली। मेरठ के नेहरू नगर निवासी सावित्री भी अंदर घुसने के लिए लाइन में लगी थी। इस दौरान कथास्थल पर पहुंचने की होड़ में उसकी चेन किसी ने झपट ली। कुछ देर बाद चेन झपटने का उसे अहसास हुआ तो आसपास तलाश करने पर भी उसे उसकी चेन नहीं मिली पाई। चेन झपटने के बाद सावित्री यहां रोने लगी थी।
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