हापुड़। काकौड़ी गांव में फर्जी तरीके से मनरेगा की धनराशि निकालने के मामले में पंचायत सेक्रेटरी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। जिला पंचायत राज विभाग के लिपिक को फाइल गायब होने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर एडीपीआरओ को जांच सौंप दी गई है। तीन दिन में वह अपनी रिपोर्ट देंगे।
आईटीआई कार्यकर्ता बिजेंद्र सिंह ने मनरेगा की धनराशि निकालने के मामले में उच्च न्यायालय में अपील की थी। जबकि अदालत के आदेश पर बाबूगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में सोमवार को जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए थे। पंचायत राज अधिकारी आमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में सेक्रेटरी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।