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जनाजा देखने में ढही छत 3 मासूम समेत 13 घायल

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गढ़मुक्तेश्वर। उत्तराखंड में बारातियों से भरा कैंटर पलटने से मरे 21 लोगों में गढ़ का एक युवक भी शामिल था। उसका जनाजा सोमवार को जब यहां पहुंचा तो भीड़ लग गई। महिलाएं छत से देखने लगीं, इसी दौरान रसोई की कच्ची छत ढह गई। इसमें तीन बच्चे और दस महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
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नगर के मुहल्ला मिर्धापाड़ा निवासी हाफिज बुंदू खां के बेटे अनवार का पुत्र इमरान 18 वर्ष रविवार को अमरोहा में रहने वाले अपने एक दोस्त की बारात में शामिल होने नैनीताल जा रहा था। रास्ते में उत्तराखंड के छुटमलपुर पहुंचकर केंटर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में पलट गई थी, जिसमें 15 बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 32 अन्य घायल हो गए थे। जैसे ही इमरान की मौत होने की खबर पहुंची, तो परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की शाम जब शव घर लाया गया, तो भीड़ जुट गई। इस दौरान क्षमता से अधिक भीड़ चढ़ने से कच्चे किचिन की छत टूट गई, जिससे उस पर खड़ीं महिला और बच्चे धड़ाम से औंधे मुंह जमीन पर गिरकर गंभीर रूप में घायल हो गए। घायलों में सलमा, अफरोजी, नौशाबा, अनीसा, बिल्लो, छोटी, खैरुन्निशां, वरीसा, गुल्स्तिा, भूरी, सुहेल और कशिश घायल हो गया। घायलों को स्थानीय नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है, जिनमें तीन को चिकित्सक ने गंभीर दशा में मेरठ को रेफर कर दिया है। सूरज छिपने पर मगरिब की नमाज के बाद बेहद गमगीन माहौल में मृतक के शव को कब्रिस्तान में ले जाकर सुपुर्दे खाक कर दिया गया है।
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